नयी दिल्ली। आप भारत के पर्यटन केंद्रों में घूमने फिरने के लिए जाएं और आपको ठहरने के लिए होटल का कमरा मिल जाए, तो आपको खुद को खुशनसीब समझना चाहिए। क्योंकि ताजा रिपोर्ट में यह बात सामने आई है कि भारत में पर्यटकों के लिए करीब दो लाख होटल कमरों की कमी है। साथ ही होटल उद्योग देश पर्यटन में आए उछाल को बेहतर ढंग से व्यवस्थित करने को लेकर जूझ रहा है। पर्यटन मंत्रालय के अधिकारियों ने इस संदर्भ में जानकारी दी।
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अधिकारी ने यह बात 12वीं पंचवर्षीय योजना (2012 से 2017) के लिए पर्यटन पर गठित एक कार्यकारी समूह की रिपोर्ट का आकलन करते हुए कही। इसमें 2010 की तुलना में 2016 में विदेशी पर्यटकों की संख्या में 12% वार्षिक वृद्धि का अनुमान लगाया गया है। इस आधार पर 2016 में 1,90,108 होटल कमरों की जरुरत पड़ने का अनुमान है। मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि देश में होटल कमरों की भारी कमी है और हम नए कमरों के निर्माण से ज्यादा होमस्टे और अन्य विकल्पों पर ध्यान देने के प्रयास कर रहे हैं। इसके लिए हम जाने-माने ब्रांड या परिचालित होटलों के साथ संबंध बना रहे हैं और उन्हें मान्यता दे रहे हैं।
पर्यटन मंत्रालय देश के भीतर पांच विशेष पर्यटन क्षेत्र विकसित करने पर भी काम कर रहा है ताकि इन क्षेत्रों को पर्यटन स्थल के तौर पर विकसित किया जा सके। देश में जनवरी से नवंबर के बीच 90. 01 लाख विदेशी पर्यटक आए। पिछले साल इसी अवधि में यह संख्या 15.6% कम यानी 77. 83 लाख थी।