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स्मॉल इंटरप्राइजेज शुरू करने के मामले में भारत दुनिया का सबसे युवा देश, 72% लोगों की उम्र 35 वर्ष से कम

 Written By: Surbhi Jain
 Published : Jul 24, 2016 11:44 am IST,  Updated : Jul 24, 2016 12:06 pm IST

भारत छोटा उद्यम शुरू करने वाला दूसरी बड़ी ताकत है। छोटे उद्यम शुरू करने के मामले में भारत दुनिया का सबसे युवा देश है जहां ऐसे 72 प्रतिशत लोगों की उम्र 35 साल से कम है।

स्मॉल इंटरप्राइजेज शुरू करने के मामले में भारत दुनिया का सबसे युवा देश, 72% लोगों की उम्र 35 वर्ष से कम- India TV Hindi
स्मॉल इंटरप्राइजेज शुरू करने के मामले में भारत दुनिया का सबसे युवा देश, 72% लोगों की उम्र 35 वर्ष से कम

नई दिल्ली। भारत छोटा उद्यम शुरू करने वाला दूसरी बड़ी ताकत है। छोटे उद्यम शुरू करने के मामले में भारत दुनिया का सबसे युवा देश है जहां ऐसे 72 प्रतिशत लोगों की उम्र 35 साल से कम है। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री निर्मला सीतारणन ने यह बात कही है। ‘स्टार्टअप इंडिया’ नाम से शुरू राज्यों के सम्मेलन में सीतारमन ने कहा, “स्टार्ट-अप भारत में अगली बड़ी आर्थिक ताकत है। प्रौद्योगिकी से जुड़े नए छोटे उद्यम करीब 4400 हैं। वर्ष 2020 तक इस संख्या के बढ़कर 12 हजार तक पहुंच जाने की उम्मीद है। ” अमेरिका और ब्रिटेन के बाद छोटे उद्यमों की शुरुआत के मामले में भारत तीसरे नंबर पर है।

उन्होंने कहा, “सरकार स्टार्ट-अप इंडिया पहल को वास्तव में गति देने और शुरुआत करने वालों को कामयाब बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। हम यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि इसकी गति बढ़े। हम उद्यम लगाने की शुरुआत में क्रांति लाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।” उन्होंने कहा कि सरकार दुनिया का सबसे अच्छा स्टार्टअप पारिस्थिकी तंत्र भारत का बनाना सुनिश्चित करने में मदद करेगी।

सरकार ने इस साल एक अप्रैल से स्टार्टअप इंडिया हब का परिचालन शुरू किया है ताकि नए उद्यम लगाने वालों की समस्याओं का समाधान कर उनकी सहायता की जा सके।

फाइनेंस एक्ट 2016 में यह प्रावधान किया गया है कि वर्ष 2016 की एक अप्रैल से 31 मार्च 2019 के बीच नए उद्यम शुरू करने वाले को तीन साल तक आयकर से छूट रहेगी।

दस हजार करोड़ रुपये का कोष बनाया गया है जिसका प्रबंधन भारतीय लघु उद्योग विकास बैंक (सिडबी) करेगा और वह इसे सेबी में पंजीकृत वैकल्पिक निवेश निधि (एआईएफ) में निवेश करेगा जो इसके बदले में इस तरह के नए उद्यमों में निवेश करेगी।

मंत्री ने कहा कि यह राशि हिस्सा पूंजी के रूप में निजी पूंजी को आकर्षित करने में और आसानी से कर्ज पाने मदद में करेगी एवं नए उद्यमों को जोखिम लेने के प्रति समर्थ बनाएगा।

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