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FY17 में सरकार का टैक्‍स कलेक्‍शन पिछले 6 साल में सबसे ज्‍यादा, रिकॉर्ड 17.10 लाख करोड़ रुपए रही टैक्स वसूली

 Written By: Ankit Tyagi
 Published : Apr 04, 2017 01:44 pm IST,  Updated : Apr 04, 2017 03:14 pm IST

सरकार ने 2016-17 के दौरान टैक्‍स कलेक्‍शन के प्रोविजनल आंकड़े जारी किए हैं। इस अवधि में कुल नेट टैक्‍स रेवेन्‍यू 18 फीसदी बढ़कर 17.10 लाख करोड़ रुपए हो गया।

FY17 में सरकार का टैक्‍स कलेक्‍शन पिछले 6 साल में सबसे ज्‍यादा, रिकॉर्ड 17.10 लाख करोड़ रुपए रही टैक्स वसूली- India TV Hindi
FY17 में सरकार का टैक्‍स कलेक्‍शन पिछले 6 साल में सबसे ज्‍यादा, रिकॉर्ड 17.10 लाख करोड़ रुपए रही टैक्स वसूली

नई दिल्‍ली। सरकार के खजाने में समाप्त वित्त वर्ष 2016-17 में तय लक्ष्य से ज्यादा 17.10 लाख करोड़ रुपए  का टैक्स क्लेक्शन हुआ है। इस अवधि में कुल नेट टैक्‍स रेवेन्‍यू 18 फीसदी बढ़कर 17.10 लाख करोड़ रुपए हो गया। यह पिछले 6 साल में सबसे ज्‍यादा है। इसमें डायरेक्‍ट टैक्‍स ग्रोथ रेट 14.2 फीसदी और इनडायरेक्‍ट टैक्‍स ग्रोथ रेट 22 फीसदी है। आपको बता दें कि सरकार ने एक फरवरी 2017 को पेश 2017-18 के बजट में पिछले वित्त वर्ष के लिए टैक्स क्लेक्शन 16.97 लाख करोड़ रुपए रहने का संशोधित अनुमान लगाया है। हालांकि, सरकार ने 2016-17 के दौरान टैक्‍स कलेक्‍शन के प्रोविजनल आंकड़े जारी किए हैं।

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वित्त मंत्रालय ने एक वक्तव्य में कहा है कि

17.10 लाख करोड़ रपये का कर संग्रह एक साल पहले के मुकाबले 18 फीसदी की वृद्धि दर्शाता है। एक साल पहले 2015-16 में वास्तविक कर प्राप्ति 14.55 लाख करोड़ रुपए रही थी।

 6 साल में सबसे ज्यादा हुआ टैक्स क्लेक्शन

राजस्व सचिव हसमुख अधिया ने कहा टैक्स राजस्व संग्रह 18 फीसदी बढ़कर 17.10 लाख करोड़ रुपए हो गया। पिछले छह साल में यह सबसे ज्यादा है। प्रत्यक्ष कर संग्रह अप्रैल-मार्च अवधि में 14.2 प्रतिशत बढ़कर 8.47 लाख करोड़ रपये, अप्रत्यक्ष कर संग्रह 22 प्रतिशत बढ़कर 8.63 लाख करोड़ रपये हो गया।

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आकड़ों पर एक नजर

  • फाइनेंस मिनिस्‍ट्री के रेवेन्‍यू डिपार्टमेंट के अनुसार, 2016-17 में प्रोविजनल नेट टैक्‍स कलेक्‍शन करीब 18 फीसदी बढ़ा है। इसमें डायरेक्‍ट टैक्‍स कलेक्‍शन 14.2 फीसदी बढ़कर 8.47 लाख करोड़ और इनडायरेक्‍ट टैक्‍स कलेक्‍शन 22 फीसदी बढ़कर 8.63 लाख करोड़ है।
  • इससे पहले, 2016-17 के लिए नेट टैक्‍स कलेक्‍शन का रिवाइज्‍ड अनुमान 16.97 लाख करोड़ रुपए था। इसमें डायरेक्‍ट टैक्‍स कलेक्‍शन का टारगेट 8.47 लाख करोड़ और इनडायरेक्‍ट टैक्‍स का 8.5 लाख करोड़ रुपए था। आपको बता दें, सरकार ने 2016-17 के लिए नेट टैक्‍स कलेक्‍शन का बजट अनुमान 16.25 लाख करोड़ रुपए रखा था।
  • मार्च 2017 तक डायरेक्‍ट टैक्‍स कलेक्‍शन के प्रोविजनल आंकड़ों के अनुसार नेट कलेक्‍शन पिछले साल के मुकाबले 14.2 फीसदी बढ़कर 8.47 लाख करोड़ है। यह 2016-17 के लिए 100 फीसदी अचीवमेंट है। डायरेक्‍ट टैक्‍स में कॉरपोरेट इनकम टैक्‍स (सीआईटी) और पर्सनल इनकम टैक्‍स (पीआईटी) शामिल है।
  • प्रोविजनल आंकड़ों के अनुसार, मार्च 2017 तक कॉरपोरेट टैक्‍स कलेक्‍शन में 13.1 फीसदी और पर्सनल इनकम टैक्‍स में 18.4 फीसदी है।हालांकि रिफंड के बाद नेट कॉरपोरेट टैक्‍स ग्रोथ 6.7 फीसदी और पर्सनल इनकम टैक्‍स ग्रोथ 21 फीसदी है। अप्रैल 2016- मार्च 2017 के दौरान 1.62 लाख करोड़ रुपए का रिफंड किया गया, जो 2015-16 में किए गए रिफंड से 32.6 फीसदी ज्‍यादा है।

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तस्‍वीरों में समझिए क्‍या है जीएसटी

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इनडायरेक्‍ट टैक्‍स कलेक्‍शन

  • 2016-17 में प्रोविजनल इनडायरेक्‍ट टैक्‍स कलेक्‍शन 2015-16 के मुकाबले 22 फीसदी बढ़कर 8.63 लाख करोड़ है। इनडायरेक्‍ट टैक्‍स में सेंट्रल एक्‍साइज, सर्विस टैक्‍स और कस्‍टम्‍स शामिल है।
  • सेंट्रल एक्‍साइज का नेट कलेक्‍शन मार्च 2017 तक 3.83 लाख करोड़ रुपए रहा। यह पिछले फाइनेंशियल ईयर के मुकाबले 33.9 फीसदी ज्‍यादा है। नेट सर्विस टैक्‍स कलेक्‍शन 2.54 लाख करोड़ रुपए रहा। यह पिछले फाइनेंशियल ईयर के मुकाबले 20.2 फीसदी ज्‍यादा है। नेट कस्‍टम कलेक्‍शन 2016-17 में 2.26 लाख करोड़ रुपए रहा, जोकि इससे पिछले फाइनेंशियल ईयर के मुकाबले 7.4 फीसदी ज्‍यादा है।
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