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एलआईसी को अगस्त तक इक्विटी से 13,000 करोड़ रुपये का लाभ

कंपनी अभी भी बाजार में 28,000 करोड़ रुपये के साथ शुद्ध निवेशक बनी हुई है। वहीं कंपनी को इस साल अगस्त तक बीमा पॉलिसी के नवीनीकरण प्रीमियम से 87,300 करोड़ रुपये प्राप्त हुए हैं।

India TV News Desk India TV News Desk
Published on: September 16, 2020 23:26 IST
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Photo:GOOGLE

एलआईसी को शेयर में निवेश से 13000 करोड़ का फायदा 

नई दिल्ली। शेयर बाजार में सूचीबद्ध होने के लिये आईपीओ लाने की तैयारी में लगे भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) को अपने इक्विटी पोर्टफोलियो से अगस्त तक 13,000 करोड़ रुपये का लाभ हुआ है। बीमा कंपनी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बुधवार को यह जानकारी दी। एलआईसी के प्रबंध निदेशक राज कुमार ने कहा कि बीमा कंपनी को इस साल अगस्त तक बीमा पॉलिसी के नवीनीकरण प्रीमियम से 87,300 करोड़ रुपये प्राप्त हुआ है। मर्चेन्टर चैंबर ऑफ कामर्स एंड इंडस्ट्रीज के एक वेबिनार (इंटरनेट के जरिये आयोजित सेमिनार) में कुमार ने कहा, ‘‘बीमा उद्योग को कोविड-19 महामारी के कारण वित्त वर्ष 2019-20 के अंतिम पखवाड़े में नये और प्रीमियम नवीनीकरण मद में करीब 45,000 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। हालांकि ‘लॉकडाउन’ में ढील के साथ स्थिति सुधरी है और बेहतर वृद्धि हासिल हुई है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘बाजार में मार्च के निम्न स्तर से 32 प्रतिशत सुधार आ चुका है। एलआईसी को इक्विटी परिचालन से 13,000 करोड़ रुपये का लाभ हुआ है और कंपनी अभी भी बाजार में 28,000 करोड़ रुपये के साथ शुद्ध निवेशक है।’’

कुमार ने कहा कि ऑनलाइन प्रीमियम संग्रह बढ़ा है। हालांकि अब तक बड़ी बीमा पालिसियों से प्रीमियम आ रहा है, जबकि छोटी योजनाओं में प्रीमियम संग्रह घटा है। उन्होंने कहा कि बीमा कंपनी का ऋण शोधन अनुपात मार्च तक 155 प्रतिशत है जो संतोषजनक स्तर है। आईपीओ के बारे में कुमार ने कहा, ‘‘सरकार का इरादा इसे मार्च तक पूरा करने का है। मैं केवल इतना कह सकता हूं कि हम निर्देश के अनुसार काम करने का प्रयास करेंगे।’’ उल्लेखनीय है कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 2020-21 के बजट में सरकार की एलआईसी में कुछ हिस्सेदारी आईपीओ के जरिये बेचने की योजना की घोषणा की थी। एलआईसी में हिस्सेदारी की बिक्री से सरकार के चालू वित्त वर्ष के विनिवेश कार्यक्रम में काफी मदद मिलने की उम्मीद है।

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