Mother dairy did not cut token milk price
नई दिल्ली: मदर डेयरी के टोकन वाले दूध की कीमतों में कटौती की खबरें गलत हैं। कंपनी ने ऐसी सभी खबरों को गलत बताते हुए कहा कि टोकन वाला दूध पहले से ही बाजार में चार रुपये सस्ता मिल रहा है। मदर डेयरी ने बताया कि कंपनी ने टोकन वाले दूध की कीमतों में कोई कटौती नहीं की है। यह पहले से ही बाजार में प्लास्टिक की थैलियों में मिलने वाले दूध के मुकाबले 4 रुपये सस्ता मिलता है। जनता में टोकन मिल्क के प्रति रुझान बढ़ाने के लिए कंपनी ने यह जानकारी दी थी।
दरअसल, खबरें आ रही थीं कि मदर डेयरी ने टोकन मिल्क की कीमत 4 रुपये घटा दी है। कंपनी के इस कदम के पीछ पीएम मोदी के सिंगल यूज प्लास्टिक बंद करने के आह्वान को बताया जा रहा था। लेकिन, कंपनी ने अपने दूध की कीमतों में कोई कटौती नहीं की है। हालांकि, कंपनी का कहना है कि टोकन वाला दूध पहले से ही प्लास्टिक की थैलियों में मिलने वाले दूध के मुकाबले 4 रुपये सस्ता है और कंपनी ने सिर्फ इसी जानकारी को लोगों से सांझा किया था। जिससे लोग टोकन मिल्क खरीदें।

पुरानी खबरों के मुताबिक, कंपनी का कहना था कि हमने प्लास्टिक के उपयोग को कम करने के लिए 'टोकन दूध' की कीमत में 4 रुपये प्रति लीटर की कमी की है। मदर डेयरी के 900 बूथों के नेटवर्क के माध्यम से 6 लाख लीटर की वर्तमान दैनिक औसत मात्रा के साथ, नकद प्रोत्साहन करीब 90 करोड़ रुपये प्रति वर्ष के करीब रहेगा। लेकिन, मदर डेयरी की जन संपर्क अधिकारी शिक्षा छाबड़ा ने ऐसी सभी खबरों का खंडन किया है।







































