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मुद्रा योजना के जरिए महिला उद्यमियों को मिला संबल, MSME के क्षेत्र में बढ़ी भागीदारी

 Edited By: Manish Mishra
 Published : Jan 08, 2018 09:34 am IST,  Updated : Jan 08, 2018 09:34 am IST

केंद्रीय मंत्री अर्जुनराम मेघवाल ने कहा है कि लघु एवं सूक्ष्म उद्योग के क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने की दिशा में केंद्र सरकार की मुद्रा योजना बेहद कारगर साबित हुई है।

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जयपुर केंद्रीय मंत्री अर्जुनराम मेघवाल ने कहा है कि लघु एवं सूक्ष्म उद्योग के क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने की दिशा में केंद्र सरकार की मुद्रा योजना बेहद कारगर साबित हुई है। मेघवाल ने इंडिया इंडस्ट्रियल फेयर-2018 के एक सत्र को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि इसी योजना का परिणाम है कि 67 फीसदी महिलाओं को केंद्र सरकार की गारंटी पर इस मुद्रा योजना के तहत ऋण मुहैया करवाया गया है। इस सफलता को ध्‍यान में रखते हुए केंद्र सरकार मुद्रा योजना की राशि में बढ़ोतरी भी कर रही है।

जल संसाधन, नदी विकास और गंगा कायाकल्प और संसदीय कार्य राज्य मंत्री ने कहा कि देश में 50 फीसदी आबादी महिलाओं की होने के बावजूद महज 14 फीसदी महिलाएं ही स्वयं का रोजगार कर रही हैं। सबसे ज्यादा कौशल महिलाओं में है, लेकिन हमने इसे उपेक्षित किया है। इसके लिए हमें अपनी मानसिकता को बदलना होगा और महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए उन्हें संबल प्रदान करना होगा।

उन्होंने बताया कि कृषि, पशुपालन के क्षेत्र में महिलाओं का योगदान बहुत ज्यादा है, लेकिन अन्य प्रकार के व्यवसायों में महिलाओं की भागेदारी बढ़ाने पर जोर दिया। केंद्रीय कृषि और किसान कल्याण राज्य मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि केंद्र सरकार वर्ष-2022 तक भारत को विकसित राष्ट्र के रूप में खड़ा करने की दिशा में तेजी से कार्य कर रही है। भारत सरकार की योजनाएं अब महिला केंद्रित हो रही हैं।

शेखावत ने कहा कि देश में स्वरोजगार की मानसिकता बने, इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ऐसी योजनाएं ला रहे हैं। मुद्रा योजना के तहत 9 करोड़ लोगों को ऋण दिया गया है जिसमें 7 करोड़ केवल महिला उद्यमी हैं। उन्होंने मिजोरम और जोधपुर की अभावग्रस्त महिला उद्यमियों की सफलता को साझा करते हुए बताया वे मुश्किलों से लड़कर आज बेहतरीन ढंग से अपना व्यवसाय कर रही हैं।

लघु उद्योग भारती की कौशल विकास विंग की राष्ट्रीय सचिव अंजू बजाज ने कहा कि हरेक महिला में क्षमता और दक्षता दोनों है, लेकिन जरूरत इस बात की है कि उन्हें उचित मंच मिले। उन्होंने कहा कि महिला उद्यमियों को अगर अपने काम को बढ़ाना है, तो उसे अपने सामाजिक दायरे को भी बढ़ाना होगा।

नेशनल यूएस इंडिया चैंबर ऑफ कॉमर्स (यूएस) की सीईओ पूर्णिमा वोरिया ने कहा कि महिलाओं को शिक्षित बनाकर उन्हें रोजगार के अवसर प्रदान करने की जरूरत है।

जेपी मॉर्गन चेज (हांगकांग) की प्रबंध निदेशक शीलेष शेखावत ने प्रधानमंत्री मोदी की तारीफ करते हुए कहा कि उन्होंने पिछले कुछ वर्षों में विकास आधारित योजनाएं बनाई हैं जिनके अब सकारात्मक परिणाम नजर आने लगे हैं। इस अवसर पर छह महिला उद्यमियों को सम्मानित किया गया जिनमें कर्नाटक की कल्पना नागराजन व शैलजा एरा विट्ठल, छत्तीसगढ़ की सिप्पी दुबे, महाराष्ट्र की स्नेह लोनी, राजस्थान की बिंदू जैन व मंजू सारस्वत शामिल है।

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