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पनामा दस्तावेज अब ऑनलाइन उपलब्ध, 3,60,000 लोगों के नाम का खुलासा

आईसीआईजे के दो लाख छद्म कंपनियों से जुड़े पनामा दस्तावेजों के रिकार्ड ऑनलाइन उपलब्ध हो गए हैं। इससे ये दस्तावेज सार्वजनिक हो गए हैं।

Abhishek Shrivastava
Published : May 10, 2016 05:16 pm IST, Updated : May 10, 2016 05:16 pm IST
पनामा दस्तावेज अब हुए ऑनलाइन उपलब्ध, 3.6 लाख लोगों के नामों का हुआ खुलासा- India TV Paisa
पनामा दस्तावेज अब हुए ऑनलाइन उपलब्ध, 3.6 लाख लोगों के नामों का हुआ खुलासा

वॉशिंगटन। खोजी पत्रकारों के अंतरराष्ट्रीय कंसोर्टियम (आईसीआईजे) के दो लाख छद्म कंपनियों से जुड़े पनामा दस्तावेजों के रिकॉर्ड ऑनलाइन उपलब्ध हो गए हैं। इससे ये दस्तावेज सार्वजनिक हो गए हैं। आईसीआईजे ने कहा कि पनामा की विधि कंपनी मोसाक फोंसेका से लीक हुए 1.15 करोड़ दस्तावेज के आधार पर तैयार डाटाबेस में 3,60,000 उन लोगों और कंपनियों के नाम का खुलासा किया गया है, जो इन गुमनाम छद्म कंपनियों के पीछे हैं।

इससे जाहिर होता है कि किस हद तक विश्व के अमीर, अपराधी ऐसी छद्म कंपनियों तैयार करते हैं ताकि कर और कानून प्रवर्तन एजेंसियों से छुपकर परिसंपत्ति जमा की जा सके और इसका हस्तांतरण किया जा सके। अप्रैल में इस दस्तावेज पर आधारित रिपोर्ट में विश्व के कुछ सबसे शक्तिशाली नेताओं, मसलन, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, ब्रिटेन के प्रधानमंत्री डेविड कैमरन और अन्य का नाम अपतटीय कंपनियों से जोड़ा गया। आइसलैंड के प्रधानमंत्री सिगमंडर डेविड गनलॉग्सन और स्पेन के उद्योग मंत्री जोस मैनुअल सोरिया को इन छद्म कंपनियों से नाम जुड़ने के मद्देनजर मजबूरन इस्तीफा देना पड़ा। अब तक यह दस्तावेज आईसीआईजे और अंतरराष्ट्रीय मीडिया के चुनिंदा समूहों के पास थे जो मूल रूप से किसी रहस्यमय व्यक्ति जॉन डो ने मुहैया कराए थे। आईसीआईजे ने कहा कि वह सार्वजनिक हित में कुछ सूचनाओं का डाटाबेस प्रकाशित कर रहा है।

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आईसीआईजे के मुताबिक इस डाटाबेस में सूचनाओं का पता व्यक्ति, कंपनी के नाम और पते से लगाया जा सकता है। हालांकि, इसमें नाम के अलावा उन कंपनियों के पीछे लोगों की न पूरी पहचान और न ही खातों से जुड़ी परिसंपत्ति के बारे में जानकारी मुहैया कराई गई है। इन कंपनियों से जुड़े लोगों में विश्व भर की हस्तियां शामिल हैं। इनमें से कई चीन, पश्चिम एशिया, लैटिन अमेरिका और यूरापीय देशों से हैं।

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