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'chai pe charcha': GST पर विपक्ष को मनाने की कोशिश, PM मोदी ने सोनिया गांधी और मनमोहन सिंह को बुलाया चाय पर

 Written By: Abhishek Shrivastava
 Published : Nov 27, 2015 01:48 pm IST,  Updated : Nov 27, 2015 04:11 pm IST

विवादित GST बिल पर विपक्ष को सहमत करने की कोशिश के तहत PM मोदी ने कांग्रेस अध्‍यक्ष सोनिया गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को चाय पर बुलाया है।

‘chai pe charcha’: GST पर विपक्ष को मनाने की कोशिश, PM मोदी ने सोनिया गांधी और मनमोहन सिंह को बुलाया चाय पर- India TV Hindi
‘chai pe charcha’: GST पर विपक्ष को मनाने की कोशिश, PM मोदी ने सोनिया गांधी और मनमोहन सिंह को बुलाया चाय पर

नई दिल्‍ली। विवादित GST बिल पर विपक्ष को सहमत करने की कोशिश के तहत PM मोदी ने कांग्रेस अध्‍यक्ष सोनिया गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को आज शाम चाय पर चर्चा के लिए आमंत्रित किया है। इस दौरान जीएसटी बिल के अलावा अन्‍य मुद्दों पर भी बातचीत होने की संभावना है। सूत्रों ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कांग्रेस के नेताओं को अपने रेस कोर्स रोड स्थित आवास पर शाम 7 बजे आमंत्रित किया है।  मोदी सरकार गुड्स एंड सर्विसेस टैक्‍स बिल राज्‍य सभा में पास करवाने की पूरी कोशिश में जुटी है और आज का यह कदम भी इसी कोशिश का एक हिस्‍सा माना जा रहा है।

संसदीय कार्य मंत्री वेंकैया नायडू ने इस बात की पुष्टि करते हुए बताया कि पीएम मोदी ने सोनिया गांधी से फोन पर चर्चा की और उन्‍हें संसद में लंबित पड़े महत्‍वपूर्ण विधेयकों पर चर्चा के लिए आमंत्रित किया। उन्‍होंने पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से भी इस बैठक में हिस्‍सा लेने का आवेदन किया है। नायडू ने कहा कि हर कोई चाहता है कि संसद में बिना किसी रुकावट के कार्रवाई हो। मुझे उम्‍मीद है कि सभी मुद्दों पर सदन में चर्चा होगी।

चाय के इस कार्यक्रम को अहम माना जा रहा है क्योंकि सरकार और कांग्रेस के बीच तनातनी होने के कारण जीएसटी विधेयक और भूमि अधिग्रहण जैसे महत्वपूर्ण कानून पारित नहीं हो पा रहे हैं। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कल कहा था कि प्रधानमंत्री महत्वपूर्ण अप्रत्यक्ष कर के कानून को पारित करवाने के लिए किसी से भी बात करने के लिए तैयार हैं।  योजना के मुताबिक आगामी एक अप्रैल से अप्रत्यक्ष कर की नई प्रणाली को लागू करने के लिए जरूरी होगा कि जीएसटी विधेयक शीतकालीन सत्र में पारित हो जाए। जेटली ने कहा कि उन्होंने इस मुद्दे पर लगभग सभी कांग्रेसी नेताओं से बात की है। उन्होंने कहा था, हमें प्रधानमंत्री स्तर पर भी कोई हिचकिचाहट नहीं है। हमें पहले भी कभी हिचकिचाहट नहीं थी और अब भी नहीं है। वह हर किसी से बात करने के लिए तैयार हैं।

कांग्रेस ने संसद के पिछले सत्र में जीएसटी संविधान संशोधन विधेयक को पारित होने से रोक दिया था। उसकी यह मांग थी कि राजस्व-निरपेक्ष दर के 18 फीसदी से ज्यादा न होने की बात का जिक्र इसमें किया जाए। कांग्रेस वस्तुओं की आपूर्ति पर जीएसटी दर से ऊपर एक फीसदी तक का अतिरिक्त कर लगाने का अधिकार राज्यों को दिए जाने के भी खिलाफ है।

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