नई दिल्ली। रिलायंस कम्युनिकेशंस (आरकॉम) और रिलायंस जियो ने अनिल अंबानी की अगुवाई वाली कंपनी आरकॉम की वायरलेस परिसंपत्तियां बेचने के लिए हुए आपसी समझौते की अवधि को आगे बढ़ाने की घोषणा की है। यह कदम ऐसे समय उठाया गया है, जब रिलायंस कम्युनिकेशंस के स्पेक्ट्रम को जियो को बेचने के सौदे को दूरसंचार विभाग की मंजूरी की प्रतीक्षा है।
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रिलायंस इंडस्ट्रीज ने शेयर बाजार को दी सूचना में कहा है कि उसकी अनुषंगी कंपनी रिलायंस जियो इंफोकॉम लिमिटेड ने आरकॉम लिमिटेड और उसकी सहयोगियों की परिसंपत्तियों के अधिग्रहण के लिए बाध्यकारी समझौते की अवधि को बढ़ा दिया है।
आरकॉम ने अलग सूचना में कहा कि कंपनी और रिलायंस जियो ने टॉवर, फाइबर, एमसीएन और आरकॉम के स्पेक्ट्रम की बिक्री के समझौते की अवधि को बढ़ाकर 28 जून 2019 कर दिया है। यह समझौता 28 दिसंबर 2017 को हुआ था।
रिलायंस कम्युनिकेशंस ने दूरसंचार विभाग से सूप्रीम कोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए अनापत्ति प्रमाणपत्र जारी करने का आग्रह किया है। रिलायंस कम्युनिकेशंस और रिलायंस जियो के वरिष्ठ अधिकारियों ने इसी महीने दूरसंचार सचिव से मुलाकात कर बकाया भुगतान को लेकर चर्चा की।