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घरों की मांग में हाल में आई तेजी दबी हुई मांग नहीं, आगे भी जारी रहेगी बढ़त: दीपक पारेख

एचडीएफसी चेयरमैन ने कहा कि रियल एस्टेट क्षेत्र अपने कुल राजस्व का 1.5 प्रतिशत से भी कम प्रौद्योगिकी पर खर्च करता है। प्रौद्योगिकी रियल एस्टेट क्षेत्र में पारदर्शिता और जवाबदेही ला सकती है।

India TV Paisa Desk Edited by: India TV Paisa Desk
Published on: April 22, 2021 18:09 IST
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Photo:PTI

घरों की मांग में जारी रहेगी बढ़त: एचडीएफसी 

नई दिल्ली। मकानों के लिये हाल में मांग में जो वृद्धि दिखाई दी है वह दबी मांग का प्रकट होना नहीं थी बल्कि बाजार में बुनियादी बदलावों पर आधारित में सुधार है। एचडीएफसी के चेयरमैन दीपक पारेख ने बृहस्पतिवार को यह बात कही। उनकी राय में यह मांग बरकरार रहेगी। उन्होंने कहा कि निम्न ब्याज दरें, संपत्तियों के स्थिर दाम और आवासीय कर्ज पर लगातार उपलब्ध वित्तीय लाभ से पिछले कुछ माह के दौरान होम लोन में वृद्धि दर्ज की गई है। 

पारेख ने एक वर्चुअल सम्मेलन ‘प्रापटेक शिखर सम्मेलन’ को संबोधित करते हुये कहा, ‘‘हाल के समय में आवासीय क्षेत्र में जो मजबूत मांग देखी गई वह आश्चर्यजनक रूप से तेजी के रुख में थी। मेरा मजबूती के साथ यह मानना है कि यह दबी हुई मांग नहीं थी बल्कि यह बुनियादी बदलाव से उभरी मांग थी और इसके बने रहने की संभावना है।’’ उन्होंने कहा कि मकानों को लेकर यह जो मांग बढ़ी है उसमें पहली बार फ्लैट-मकान खरीदने वाले ग्राहक तो हैं ही, इसके साथ ही संपत्ति के मामले में एक पायदान ऊपर चढ़ने वाले भी शामिल हैं जो कि बड़ा मकान चाहते हैं या फिर किसी दूसरे स्थान पर एक अन्य मकान खरीदना चाहते हैं। पारेख ने कहा कि घर से काम करने का विकल्प मौजूद होने के बाद अब किसी के कार्यस्थल की दूरी को लेकर ज्यादा परेशानी नहीं है। ऐसे में घर खरीदारों के लिये मकान खरीदते समय उनके स्थान को लेकर कई विकल्प उपलब्ध हैं। 

पारेख ने इस मौके पर यह भी कहा कि निर्माण उद्योग आज की तारीख में दुनिया का सबसे कम डिजिटलीकरण वाला उद्योग है। ‘‘ऐसा अनुमान है कि रियल एस्टेट क्षेत्र अपने कुल राजस्व का 1.5 प्रतिशत से भी कम प्रौद्योगिकी पर खर्च करता है। इस बात पर सभी सहमत होंगे कि रियल एस्टेट क्षेत्र को लेकर सामयिक आंकड़े मुश्किल से ही कभी उपलब्ध होते होंगे।’’ उनका मानना है कि प्रौद्योगिकी रियल एस्टेट क्षेत्र में पारदर्शिता और जवाबदेही ला सकती है। इससे लागत क्षमता में भी काफी सुधार होगा। उन्होंने कहा कि आज फिनटेक, हेल्थटेक और एडूटेक को लेकर बहुत बातचीत होती है लेकिन प्रापर्टी के क्षेत्र में प्रौद्योगिकी यानी प्रापटेक को लेकर अभी बहुत कम सुनाई देता है। 

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