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The conclusion: हॉलीवुड है कमाई में ‘बाहुबली’, इन कारणों से पिछड़ रहा है बॉलीवुड

 Written By: Ankit Tyagi
 Published : May 26, 2017 07:22 am IST,  Updated : May 26, 2017 07:26 am IST

बाहुबली, दंगल की रिकॉर्ड कमाई ने देश की फिल्म इंडस्ट्रीज में एक नई जान फूंकी है। लेकिन कमाई के मामले में बॉलीवुड, हॉलीवुड के सामने कहीं भी नहीं टिक पाता है।

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The conclusion: हॉलीवुड है कमाई में ‘बाहुबली’, इन कारणों से पिछड़ रहा है बॉलीवुड

नई दिल्ली। ब्लॉकबस्टर मूवी बाहुबली और दंगल ने लंबे समय के बाद इंडियन फिल्म इंडस्ट्रीज में एक नई जान फूंकी है। फिल्म ‘बाहुबली 2’ ने बॉक्स ऑफिस पर दंगल मचा दिया है और इसकी भारत में कुल कमाई 1000 करोड़ रुपए के पार पहुंच गई है। हालांकि, एक्सपर्ट बताते है कि देश की फिल्म इंडस्ट्रीज की हालत अभी भी बेहद कमजोर है। लचर इन्फ्रास्ट्रक्चर, बढ़ते टैक्स बोझ और ब्लैक मार्केट से देश की फिल्म इंडस्ट्रीज के मुनाफे पर लगातार दबाव बढ़ रहा है। पिछले साल इंडियन सिनेमा की बॉक्स ऑफिस आय में 1.6 फीसदी की गिरावट देखने को मिली थी।

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हॉलीवुड है कमाई में ‘बाहुबली’

बाहुबली और दंगल की रिकॉर्ड कमाई से इस साल फिल्म इंडस्ट्री के अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद लगाई जा रही है, लेकिन कमाई के मामले में बॉलीवुड, हॉलीवुड के सामने कहीं भी नहीं टिक पाता है। KPMG और FICCI के आंकड़ों के मुताबिक जहां, पिछले साल 2000 मूवी बनाने के बाद 220 करोड़ डॉलर (करीब 14300 करोड़ रुपए) कमाई की है। वहीं, डिलॉइट की रिपोर्ट में जारी आंकड़ों में बताया गया है कि एक साल में अमेरिका और कनाडा में सिर्फ 700 फिल्में बनी और इनके जरिए कुल 1100 करोड़ डॉलर (करीब 71500 करोड़ रुपए) की कमाई की।यह भी पढ़े: Bollywood vs Hollywood: फि‍ल्‍म बनाने में आगे लेकिन कमाई में पीछे हैं बॉलीवुड

हॉलीवुड नहीं है टिकट बिक्री पर निर्भर

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पिछले साल सिर्फ 18 मूवीज ने कमाया मुनाफा

KPMG और FICCI की रिपोर्ट के मुताबिक पिछले साल सिर्फ 18 फिल्मों ने अपने कुल निवेश पर मुनाफा कमा कर दिया है। वहीं, साल 2014 में 27 मूवीज ने मुनाफा कमाया था। आंकड़ों पर नजर डालें तो सन 2012 में हिंदी मूवीज की कुल इन्वेस्टमेंट पर प्रॉफिटेबिलिटी करीब 60 फीसदी थी। जो, कि सन 2016 में गिरकर 35 फीसदी पर आ गई। इसका मतलब साफ है कि मूवीज बनाने की लागत लगातार बढ़ रही है।

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इसलिए पिछड़ रही है देश की फिल्म इंडस्ट्री

एक्सपर्ट्स के मुताबिक देश की फिल्म इंडस्ट्रीज के पिछड़ने के पीछे मुख्य वजह कमजोर इन्फ्रास्ट्रक्चर है। डिलोएट की रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिका में 10 लाख लोगों पर 23 स्क्रीन्स है। वहीं, चीन में 126 है। जबकि, भारत में सिर्फ छह स्क्रीन है। साथ ही, टैक्स बोझ भी इंडस्ट्रीज पर लगातार दबाव बना रहा है। इसके अलावा ब्लैक मार्केट और पाइरेसी से इंडस्ट्रीज को सालभर में 19 हजार करोड़ रुपए का नुकसान होता है।

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GST से सुधर सकते है हालात

वस्तु एवं सेवा कर व्यवस्था के तहत मनोरंजन, केबल, डीटीएच सेवाओं पर कर घट जाएगा क्योंकि इन पर राज्यों द्वारा लगाया जाने वाला मनोरंजन कर जीएसटी में समाहित हो जाएगा। वित्त मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि मनोरंजन कार्यक्रमों एवं सिनेमाघरों में फिल्में एक जुलाई से प्रभावी होने जा रही जीएसटी व्यवस्था के तहत ये 28 फीसदी श्रेणी में आएगी। फिलहाल, राज्य सिनेमाघरों में फिल्मों के प्रदर्शन पर 100 फीसदी तक मनोरंजन कर लगाते हैं।

बॉलिवुड को नहीं मिल रहा इंडस्ट्री की तरह फाइनेंस

कुछ साल पहले तक मुंबई में बनने वाली फि‍ल्‍मों के लिए 70 फीसदी पैसा रियल एस्‍टेट व ज्‍वैलरी कारोबारियों तथा अंडरवर्ल्‍ड से आता था। अब कुछ सुधार हुआ है, लेकिन अभी भी बॉलीवुड फि‍ल्‍मों के लिए पैसा असंगठित क्षेत्र से ही आ रहा है और बैंकों से वित्‍तीय सहायता नहीं मिल रही है। वहीं दूसरी ओर हॉलीवूड में प्रोडक्‍शन स्‍टूडियो को इंडस्‍ट्री की तरह ही एक संगठित क्षेत्र के रूप में देखा जाता है। सरकार ने 1998 में बॉलीवुड को आधिकारिक तौर पर इंडस्‍ट्री का दर्जा दिया है।

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