नई दिल्ली। भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) ने सभी दूरसंचार कंपनियों से अपने ग्राहकों को ऐसी सुविधा देने को कहा है, जिससे वे जान सकें कि उनके आधार से उनके कौन-कौन से मोबाइल सिम संबद्ध हैं। प्राधिकरण का मानना है कि इस पहल से सिम के अनाधिकृत इस्तेमाल की संभावनाएं दूर की जा सकेंगी।
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प्राधिकरण के समक्ष इस तरह की घटनाएं आई हैं कि कुछ खुदरा विक्रेता, ऑपरेटर व दूरसंचार कंपनियों के एजेंट नए सिम जारी करने, नंबरों का पुनर्सत्यापन करने के लिए आधार का दुरुपयोग कर रहे हैं और वे इसके माध्यम से दूसरे व्यक्ति को सिम जारी कर रहे हैं या दूसरे का सत्यापन कर रहे हैं।
प्राधिकरण ने दूरसंचार कंपनियों को आगाह किया है कि वे सुनिश्चित करें कि उनके खुदरा विक्रेता या एजेंट किसी तरह की गड़बड़ी न करें। दूरसंचार कंपनियों से कहा गया है कि वे यह नई सुविधा 15 मार्च तक शुरू कर दें।
इस सुविधा के तहत उपयोक्ता एसएमएस के जरिए यह जान सकेंगे कि उनका मोबाइल नंबर आधार से संबद्ध है या नहीं। इसी तरह वे यह भी जान सकेंगे कि उनके आधार नंबर पर कितने मोबाइल नंबर जारी हैं या सत्यापित हैं।
प्राधिकरण के सीईओ अजय भूषण ने बताया कि सभी दूरसंचार कंपनियों से 15 मार्च तक अपने ग्राहकों को यह सेवा देने को कहा गया है। उल्लेखनीय है कि देश में 1.2 अरब से अधिक लोगों का आधार के लिए नामांकन हो चुका है, जो कि एक 12 अंकों की विशिष्ट संख्या है।