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चावल, चीनी समेत 5 खाने-पीने के सामान कभी भी हो सकते हैं महंगे! इस रिपोर्ट से मिली ये अहम जानकारी

 Edited By: Alok Kumar @alocksone
 Published : Dec 26, 2023 12:52 pm IST,  Updated : Dec 26, 2023 12:52 pm IST

भारत की तरफ से निर्यात किए जाने वाले प्रमुख कृषि उत्पादों में कॉफी, अरंडी तेल, ताजा फल, तंबाकू, प्रसंस्कृत जूस, मूंगफली, ताजा सब्जियां, औषधीय उत्पाद, मांस, रेशम, ऊन, कपास और डेयरी उत्पाद भी शामिल हैं।

Rice - India TV Hindi
चावल Image Source : FILE

देश के कृषि निर्यात में चावल और चीनी समेत पांच खाने-पीने के उत्पाद की प्रमुखता होने से यह क्षेत्र वैश्विक कीमतों और मांग में किसी भी उतार-चढ़ाव को लेकर सेंसिटिव है। इसके चलते इनके कीमत में कभी बढ़ोतरी संभव है। आर्थिक शोध संस्थान जीटीआरआई ने एक रिपोर्ट में यह बात कही। ग्लोबल ट्रेड रिसर्च इनिशिएटिव (जीटीआरआई) ने एक रिपोर्ट में कहा कि बासमती चावल, गैर-बासमती चावल, चीनी, मसाले और तेल खली की भारत के कुल कृषि निर्यात में सम्मिलित रूप से 51.5 प्रतिशत हिस्सेदारी है। इसके अलावा घरेलू स्तर पर भारत को ढांचागत खामियों, गुणवत्ता नियंत्रण से जुड़े मुद्दों और गैर-शुल्क बाधाओं का भी सामना करना पड़ता है। ये सभी भारतीय कृषि क्षेत्र की वृद्धि और प्रतिस्पर्धा को नकारात्मक रूप से प्रभावित करते हैं। 

गैर-बासमती चावल के निर्यात पर अभी रोक

रिपोर्ट में कहा गया है कि इस स्थिति में कृषि निर्यात वैश्विक जिंस कीमतों और मांग में होने वाली किसी भी उठापटक से प्रभावित हो सकता है। इसके अलावा समय-समय पर इन प्रमुख कृषि जिंसों के निर्यात पर अलग-अलग कारणों से बंदिशें भी लगती रहती हैं। इससे उनकी वैश्विक पहुंच और मांग पर असर पड़ता है। भारत ने फिलहाल घरेलू उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए गैर-बासमती चावल के निर्यात पर रोक लगाई हुई है। इसके अलावा चावल और गेहूं को सार्वजनिक भंडारण कार्यक्रम के तहत दी जाने वाली सब्सिडी का मुद्दा भी विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) के पास विचाराधीन है। जीटीआरआई के सह-संस्थापक अजय श्रीवास्तव ने कहा कि हालात सुधारने के लिए जरूरी है कि सिर्फ पांच जिंसों पर अतिशय निर्भरता को कम किया जाए और सरकार आधुनिक ढांचागत आधार तैयार करने पर ध्यान दे। रिपोर्ट में इस साल कृषि निर्यात को लेकर चुनौतीपूर्ण हालात रहने की भी बात कही गई है। इसके मुताबिक, वर्ष 2023 में निर्यात पिछले साल की तुलना में 7.2 प्रतिशत गिरकर 43.3 अरब डॉलर रह सकता है।

इन सामानों का निर्यात करता है भारत 

इसके पीछे चावल और चीनी जैसे उत्पादों के निर्यात पर लगाई गई पाबंदियों की अहम भूमिका रहने वाली है। इसके अलावा इस साल प्रसंस्कृत कृषि उत्पादों का निर्यात भी वर्ष 2022 के 16.3 अरब डॉलर से घटकर 1.57 अरब डॉलर रहने का अनुमान इस रिपोर्ट में लगाया गया है। इस क्षेत्र का कुल निर्यात में अंशदान 36.3 प्रतिशत है। भारत की तरफ से निर्यात किए जाने वाले प्रमुख कृषि उत्पादों में कॉफी, अरंडी तेल, ताजा फल, तंबाकू, प्रसंस्कृत जूस, मूंगफली, ताजा सब्जियां, औषधीय उत्पाद, मांस, रेशम, ऊन, कपास और डेयरी उत्पाद भी शामिल हैं।

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