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ATF की कीमतों में 5 रुपये प्रति लीटर की कटौती, घरेलू एयरलाइन कंपनियों के खर्च में आएगी कमी

 Written By: Sunil Chaurasia
 Published : Jul 01, 2026 12:05 pm IST,  Updated : Jul 01, 2026 12:05 pm IST

महंगे एटीएफ ने एयरलाइन कंपनियों का बजट बिगाड़ दिया था। ऐसे में एटीएफ की कीमतों में हुई इस कटौती से एयरलाइन कंपनियों के ऑपरेशनल कॉस्ट में महत्वपूर्ण गिरावट आएगी।

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सस्ता हुआ एटीएफ Image Source : INDIAN OIL

सरकार ने बुधवार को जेट फ्यूल (ATF) की कीमतों में 5 रुपये प्रति लीटर की कटौती की घोषणा की। इस ताजा कटौती के बाद राजधानी दिल्ली में एटीएफ की कीमतें कम होकर 110 रुपये प्रति लीटर हो गई हैं। एटीएफ की कीमतों में इस कटौती का लाभ सिर्फ घरेलू एयरलाइन कंपनियों को ही मिलेगा। सरकार के इस कदम से घरेलू एयरलाइन कंपनियों को थोड़ी ही सही, लेकिन महत्वपूर्ण राहत मिली है। एटीएफ के दाम कम होने से एयरलाइन कंपनियों के परिचालन खर्च में गिरावट आएगी।

पश्चिम एशिया संकट शुरू होने के बाद से एटीएफ की कीमतों में पहली बार हुई कटौती 

पश्चिम एशिया संकट के कारण जेट फ्यूल की कीमतें रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचने के बाद ये पहली कटौती है। ये कदम सरकार द्वारा 1 जुलाई से शुरू होने वाले दो हफ्तों के लिए पेट्रोल, डीजल और ATF पर एक्सपोर्ट ड्यूटी में की गई कटौती के ठीक एक दिन बाद उठाया गया है। हालांकि, घरेलू बाजार में बिकने वाले पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी में कोई बदलाव नहीं किया गया है।

हर दो हफ्ते में एक्सपोर्ट ड्यूटी दरों की समीक्षा करती है सरकार

बताते चलें कि सरकार हर दो हफ्ते में इन एक्सपोर्ट ड्यूटी दरों की समीक्षा करती है। इसमें पिछली समीक्षा के बाद से क्रूड ऑयल, पेट्रोल, डीजल और एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) की औसत ग्लोबल कीमतों को ध्यान में रखा जाता है। पिछली बार 16 जून को इनमें बदलाव किया गया था।

महंगे एटीएफ ने बिगाड़ दिया था एयरलाइन कंपनियों का बजट

बताते चलें कि किसी भी एयरलाइन कंपनी के कुल खर्च में एटीएफ के खर्च की बड़ी हिस्सेदारी होती है। एक एयरलाइन कंपनी के कुल खर्च में एटीएफ का 40 प्रतिशत से भी ज्यादा हिस्सा होता है। लिहाजा, महंगे एटीएफ ने एयरलाइन कंपनियों का बजट बिगाड़ दिया था। ऐसे में एटीएफ की कीमतों में हुई इस कटौती से एयरलाइन कंपनियों के ऑपरेशनल कॉस्ट में महत्वपूर्ण गिरावट आएगी।

दोहरी मार झेल रही थीं एयरलाइन कंपनियां

पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ने के बाद क्षेत्र के कई हिस्सों में एयर स्पेस पर प्रतिबंध लगा दिए गए थे और कच्चा तेल महंगा होने से एटीएफ की कीमतों में भी तेज बढ़ोतरी हुई थी। जहां एक तरफ, एयर स्पेस बैन होने की वजह से एयरलाइन कंपनियों को एक डेस्टिनेशन पर पहुंचने के लिए लंबा चक्कर लगाना पड़ रहा था, जिससे एटीएफ की खपत काफी ज्यादा बढ़ गई थी। वहीं दूसरी ओर, एटीएफ की कीमतों में तेज बढ़ोतरी ने एयरलाइन कंपनियों को जबरदस्त झटका दे दिया था।

ज्यादा नुकसान से बचने के लिए कंपनियों ने फ्लाइट ऑपरेशन्स में कर दी थी कटौती

एटीएफ की कीमतों में भारी बढ़ोतरी के कारण देश की प्रमुख एयरलाइन कंपनियों ने अपने ऑपरेशन्स में काफी कटौती कर दी थी। टाटा ग्रुप की एयरलाइन कंपनी एयर इंडिया ने पिछले महीने एयर स्पेस पर बैन और एटीएफ की बढ़ती कीमतों की वजह से अपनी इंटरनेशनल फ्लाइट्स में 27 प्रतिशत की बड़ी कटौती कर दी थी। इसके अलावा, घाटे में चल रही एयरलाइन कंपनी ने एटीएफ की ऊंची कीमतों के प्रभाव से निपटने के लिए डोमेस्टिक फ्लाइट्स में भी अस्थायी रूप से 22 प्रतिशत की कटौती की थी। 

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