जुलाई-सितंबर 2025 की तिमाही यानी Q2 के नतीजों ने भारतीय बैंकिंग सेक्टर में तेजी और उतार-चढ़ाव दोनों दिखाए। जहां एचडीएफसी, आईसीआईसीआई और पंजाब नेशनल बैंक ने शानदार मुनाफे के साथ निवेशकों का उत्साह बढ़ाया, वहीं इंडसइंड बैंक को 437 करोड़ रुपये का घाटा झेलना पड़ा। बैंकिंग जगत के एक्सपर्ट्स का कहना है कि इस तिमाही के नतीजे निवेशकों और आम ग्राहकों दोनों के लिए इंडिकेशन हैं कि कौन से बैंक स्थिर प्रदर्शन कर रहे हैं और किन्हें चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।
एचडीएफसी बैंक
एचडीएफसी बैंक ने इस तिमाही में 10 प्रतिशत की बढ़त के साथ 19,610.67 करोड़ रुपये का कंसॉलिडेटेड नेट प्रॉफिट दर्ज किया। स्टैंडअलोन आधार पर बैंक का मुनाफा 18,641.28 करोड़ रुपये रहा। कुल आय 91,040 करोड़ रुपये रही, जो पिछले साल इसी तिमाही में 85,499 करोड़ रुपये थी। बैंक की कुल नॉन-परफॉर्मिंग एसेट (GNPA) 1.24 प्रतिशत पर पहुंच गई, जो पिछली तिमाही के 1.40 प्रतिशत से बेहतर रही। विशेषज्ञों का कहना है कि बैंक की स्थिर एसेट क्वालिटी और मजबूत प्रोविजनिंग ने इसे मुनाफा बढ़ाने में मदद की।
आईसीआईसीआई बैंक
आईसीआईसीआई बैंक की कंसॉलिडेटेड नेट प्रॉफिट 3.2 प्रतिशत बढ़कर 13,357 करोड़ रुपये रही। स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट 12,359 करोड़ रुपये रहा, जो साल-दर-साल 5.2 प्रतिशत बढ़ा। बैंक की नेट इंटरेस्ट इनकम 21,529 करोड़ रुपये रही और कुल एनपीए में सुधार आया। हालांकि, ट्रेजरी इनकम में गिरावट दर्ज हुई। आईसीआईसीआई के विशेषज्ञों का कहना है कि बैंक की तेजी से बढ़ोतरी में इसका रिटेल और कॉर्पोरेट लोन देना सबसे बड़ा कारण रहा।
पंजाब नेशनल बैंक
पंजाब नेशनल बैंक भी इस तिमाही में मजबूत रहा। बैंक का स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट 14 प्रतिशत बढ़कर 4,904 करोड़ रुपये पहुंच गया। कुल आय 36,214 करोड़ रुपये रही और ग्लोबल डिपॉजिट में 10.9 प्रतिशत की बढ़त आई। बैंक की एनपीए में सुधार हुआ और कारोबार प्रति शाखा और प्रति कर्मचारी बढ़ा, जिससे प्रबंधन की कुशलता का पता चलता है।
इंडसइंड बैंक
इंडसइंड बैंक को 437 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। बैंक की नेट इंटरेस्ट इनकम 18 प्रतिशत घटकर 4,409 करोड़ रुपये रह गई। नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) भी 4.08 प्रतिशत से घटकर 3.32 प्रतिशत पर आ गया। प्रोविजन और कंटिंजेंसी खर्च 45 प्रतिशत बढ़ गया, जो मुख्य रूप से माइक्रोफाइनेंस पोर्टफोलियो में बढ़ते दबाव और राइट-ऑफ्स के कारण हुआ। विशेषज्ञों का कहना है कि बैंक के घाटे के पीछे कोर इनकम में गिरावट और बढ़ते प्रोविजन मुख्य कारण रहे।



































