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RBI की बड़ी तैयारी! अब महीने भर में नहीं, हर 7 दिन में अपडेट होगा आपका क्रेडिट स्कोर; ग्राहकों पर क्या होगा असर?

 Edited By: Shivendra Singh
 Published : Nov 27, 2025 08:41 am IST,  Updated : Nov 27, 2025 08:41 am IST

RBI का नया कदम आपके लिए गेम-चेंजर साबित हो सकता है। अब आपका क्रेडिट स्कोर महीने में एक बार नहीं, बल्कि हर 7 दिन में अपडेट होगा! यानी आपकी फाइनेंशियल एक्टिविटी का असर अब रियल-टाइम में दिखेगा।

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हर हफ्ते अपडेट होगा क्रेडिट स्कोर! Image Source : CANVA

अगर आप क्रेडिट कार्ड यूज करते हैं, EMI भरते हैं या नया लोन लेने की सोच रहे हैं, तो RBI का ताजा कदम आपके लिए गेमचेंजर साबित हो सकता है। भारतीय रिजर्व बैंक देश के क्रेडिट ढांचे को और मजबूत और पारदर्शी बनाने की दिशा में बड़ा बदलाव करने जा रहा है। अब आपका क्रेडिट स्कोर महीने में एक बार नहीं, बल्कि हर सात दिन में अपडेट किया जाएगा।

यह कदम उन लाखों लोगों के लिए राहत लेकर आएगा, जिनका लोन इसलिए अटका रहता था क्योंकि बैंक उनके क्रेडिट स्कोर के ताजा अपडेट का इंतजार करते थे। अब EMI भरते ही, क्रेडिट कार्ड पेमेंट क्लियर करते ही या नया लोन लेते ही उसका रिकॉर्ड उसी हफ्ते आपकी रिपोर्ट में जुड़ जाएगा।

RBI के नए प्रस्ताव में क्या बदला है?

अभी तक बैंकों और अन्य वित्तीय संस्थानों को महीने में एक बार या पखवाड़े में क्रेडिट ब्यूरो जैसे- सिबिल, इक्विफैक्स, एक्सपीरियन और क्रिफ हाई मार्क को डेटा भेजने का नियम था। लेकिन नए मसौदा दिशानिर्देशों के तहत अब यह रिपोर्टिंग हर हफ्ते अनिवार्य होगी। बैंक हर महीने की 7, 14, 21, 28 तारीख और महीने के आखिरी दिन का डेटा ब्यूरो को भेजेंगे। इससे आपकी इन फाइनेंशियल एक्टिविटी जैसे- EMI भुगतान, क्रेडिट कार्ड बिल, नया लोग, बकाया राशी या खाता बंद होने के ताजा अपडेट तुरंत रिकॉर्ड हो जाएगा।  इसके अलावा, हर अपडेट में केवल वही डेटा भेजा जाएगा जिसमें बदलाव हुआ है, जिससे प्रोसेस तेज और सुगम बनेगा।

उपभोक्ताओं को क्या फायदा?

  • स्कोर तेजी से सुधरेगा: EMI या बिल भुगतान के बाद दो-तीन हफ्ते इंतजार नहीं करना पड़ेगा।
  • लोन जल्दी अप्रूव होंगे: बैंक को आपकी ताजा प्रोफाइल दिखेगी, जिससे अप्रूवल प्रोसेस तेज होगी।
  • गलतियों के चांस कम होंगे: डेटा लगातार अपडेट रहेगा, पुरानी एरर को रेक्टिफाई करना आसान होगा।
  • क्रेडिट हेल्थ बेहतर दिखेगी: समय पर भुगतान का असर तुरंत नजर आएगा।

बैंकों और वित्तीय संस्थानों को बड़ा फायदा

बैंकों को अब ग्राहकों का डेटा और सटीक और ताजा मिलेगा। इससे डिफॉल्ट का खतरा कम होगा, क्रेडिट अप्रेजल मजबूत होगा, धोखाधड़ी पहचानना आसान होगा और लोन डिस्बर्सल प्रोसेस तेज होगी

क्या होता है क्रेडिट स्कोर?

यह 300 से 900 के बीच का एक तीन-अंकों का नंबर है जो बताता है कि आप कितने जिम्मेदार उधारकर्ता हैं। स्कोर जितना अच्छा, लोन पाने की संभावना उतनी ज्यादा होती है।

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