एविएशन रेगुलेटर डीजीसीए वैश्विक व्यवहार का अध्ययन करने के बाद फ्लाइट्स में पावर बैंक के इस्तेमाल पर कुछ हद तक प्रतिबंध लगा सकता है। एक सीनियर अधिकारी ने ये जानकारी दी। बताते चलें कि 19 अक्टूबर को इंडिगो की एक फ्लाइट में एक यात्री के पावर बैंक में आग लग गई थी, जिसके बाद नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) फ्लाइट्स में पावर बैंक के इस्तेमाल की जांच कर रहा है। अधिकारी ने पीटीआई को बताया कि कुछ प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं, लेकिन पावर बैंक के इस्तेमाल पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाने की कोई योजना नहीं है।
दिल्ली एयरपोर्ट पर इंडिगो की फ्लाइट में हुआ था हादसा
अधिकारी ने कहा कि वैश्विक व्यवहार पर विचार किया जा रहा है और उसके बाद कोई फैसला लिया जाएगा। दिल्ली के इंदिरा गांधी एयरपोर्ट पर नागालैंड के दीमापुर जाने वाले इंडिगो की एक फ्लाइट में बैठे यात्री के पावर बैंक में आग लग गई थी। जिसके बाद फ्लाइट के क्रू ने आग पर काबू पा लिया था। नागर विमानन मंत्री के. राममोहन नायडू ने 25 अक्टूबर को कहा था कि डीजीसीए इस घटना की समीक्षा करेगा। बताते चलें कि पावर बैंक एक डिवाइस होता है, जिसमें बैटरी लगी होती हैं और इसे मोबाइल फोन को चार्ज करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। फ्लाइट्स में ‘इलेक्ट्रॉनिक’ सामान विशेषकर ‘लिथियम बैटरी’ वाले सामानों को ले जाने के संबंध में कठोर नियम बनाए गए हैं।
आग की घटना के बाद सभी यात्री थे सुरक्षित
इंडिगो ने एक बयान में बताया था कि इस घटना में कोई भी यात्री घायल नहीं हुआ था और आग काफी मामूली थी। इंडिगो की फ्लाइट 6E 2107 को हादसे के वक्त टैक्सी किया जा रहा था, और उसमें बैठे एक यात्री ने सीट के पीछे बने पाउच में अपना पावर बैंक रखा था, जिसमें आग लग गई थी। बताते चलें कि अभी हाल ही में एयर चाइना की एक फ्लाइट में ऊपरी डिब्बे में रखी लिथियम बैटरी में भी आग लग गई थी। एयर चाइना का वो विमान हांग्जो से सियोल जा रहा था।