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क्या आप जानते हैं कि भारत में पहला बजट कब और किसने पेश किया था, पढ़िए Budget से जुड़े रोचक फैक्ट

 Edited By: India TV News Desk
 Published : Jan 30, 2022 06:27 pm IST,  Updated : Jan 30, 2022 06:27 pm IST

बजट भाषण में सर्वाधिक शब्दः मनमोहन सिंह के 1991 में दिए गए बजट भाषण में कुल 18,650 शब्द थे।

Budet 2022- India TV Hindi
Budet 2022 Image Source : INDIA TV

Highlights

  • 1950 तक बजट का मुद्रण राष्ट्रपति भवन में होता था
  • वर्ष 1955 तक बजट सिर्फ अंग्रेजी में ही पेश किया जाता था
  • सबसे ज्यादा बजट भाषण देने का रिकॉर्ड पूर्व प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई के नाम पर है

नई दिल्ली। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण एक फरवरी को वित्त वर्ष 2022-23 के लिए बजट प्रस्ताव पेश करेंगी। यह लगातार चौथा मौका होगा जब सीतारमण बजट पेश करेंगी। यहां पर पेश हैं बजट से जुड़े कुछ रोचक पहलूः 

भारत का पहला बजटः भारत में पहली बार बजट सात अप्रैल, 1860 को पेश किया गया था। ईस्ट इंडिया कंपनी से जुड़े स्कॉटिश अर्थशास्त्री एवं नेता जेम्स विल्सन ने ब्रिटिश साम्राज्ञी के समक्ष भारत का बजट रखा था।

-स्वतंत्र भारत का पहला बजट 26 नवंबर,1947 को पेश किया गया था। तत्कालीन वित्त मंत्री आर के षण्मुखम चेट्टी ने यह बजट पेश किया था।

 सबसे लंबा बजट भाषणः यह रिकॉर्ड सीतारमण के ही नाम पर है। उन्होंने वित्त वर्ष 2020-21 का बजट पेश करते हुए 2 घंटे 42 मिनट लंबा भाषण दिया था। इस दौरान उन्होंने जुलाई 2019 में बनाए गए अपने ही 2 घंटे एवं 17 मिनट लंबे भाषण के रिकॉर्ड को तोड़ा था। 

बजट भाषण में सर्वाधिक शब्दः मनमोहन सिंह के 1991 में दिए गए बजट भाषण में कुल 18,650 शब्द थे। उसके बाद दूसरा स्थान अरुण जेटली का है जिनके 2018 के बजट भाषण में 18,604 शब्द थे।

सबसे छोटा बजट भाषणः तत्कालीन वित्त मंत्री हीरुभाई मुलजीभाई पटेल ने 1977 में सिर्फ 800 शब्दों वाला बजट भाषण दिया था।

सबसे ज्यादा बजट भाषणः यह रिकॉर्ड पूर्व प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई के नाम पर है जिन्होंने 1962-69 के बीच वित्त मंत्री रहते हुए सर्वाधिक 10 बार बजट पेश किया। इसके बाद पी चिदंबरम (नौ), प्रणव मुखर्जी (आठ), यशवंत सिन्हा (आठ) और मनमोहन सिंह (छह) आते हैं। 

बजट भाषण के समय में परिवर्तनः वर्ष 1999 तक बजट भाषण फरवरी के अंतिम कार्यदिवस को शाम पांच बजे पेश किया जाता था। लेकिन यशवंत सिन्हा ने 1999 में इसे बदलकर सुबह 11 बजे कर दिया था। 

-अरुण जेटली ने 2017 में बजट भाषण एक फरवरी को पेश किया। उसके बाद से बजट एक फरवरी को ही सुबह 11 बजे पेश किया जाता है। 

भाषाः वर्ष 1955 तक बजट सिर्फ अंग्रेजी में ही पेश किया जाता था लेकिन कांग्रेस सरकार ने इसे अंग्रेजी और हिंदी दोनों में ही पेश करना शुरू कर दिया था। -कोविड-19 महामारी आने के बाद वर्ष 2021-22 का बजट कागज-रहित पेश किया गया।

-सीतारमण 2019 में बजट पेश करते समय ऐसा करने वालीं दूसरी महिला बनीं। उनके पहले इंदिरा गांधी ने 1970 में वित्त मंत्री के तौर पर बजट पेश किया था। 

रेल बजटः वर्ष 2017 तक रेल बजट एवं आम बजट अलग-अलग पेश किए जाते थे। लेकिन 2017 में रेल बजट को आम बजट में ही समाहित कर दिया गया और अब सिर्फ एक बजट ही पेश किया जाता है। 

बजट मुद्रणः 1950 तक बजट का मुद्रण राष्ट्रपति भवन में होता था लेकिन इसके लीक होने के बाद मुद्रण नई दिल्ली के मिंटो रोड स्थित प्रेस में होने लगा। फिर 1980 में वित्त मंत्रालय के भीतर ही सरकारी प्रेस में इसका मुद्रण होता है। 

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