प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को कहा कि वे देश में कच्चे माल का एक्सपोर्ट और तैयार उत्पादों का इंपोर्ट स्वीकार नहीं कर सकते। इसके साथ ही उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि मूल्यवर्धन देश में ही होना चाहिए। भुवनेश्वर में ‘उत्कर्ष ओडिशा, मेक इन ओडिशा कॉन्क्लेव’ का उद्घाटन करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि वे पूर्वी भारत को देश के विकास का इंजन मानते हैं और ओडिशा इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। प्रधानमंत्री ने कहा कि करोड़ों लोगों की आकांक्षाएं भारत को विकास के पथ पर आगे बढ़ा रही हैं।
सिर्फ कच्चे माल के एक्सपोर्ट से देश का विकास संभव नहीं
पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा, ‘‘ सिर्फ कच्चे माल के एक्सपोर्ट से देश का विकास संभव नहीं है। इसलिए हम पूरे परिवेश को बदल रहे हैं और नए दृष्टिकोण के साथ काम कर रहे हैं। यहां खनिजों को निकाला जाता है और उन्हें दूसरे देशों में निर्यात किया जाता है, जहां उनका मूल्यवर्धन किया जाता है और नए उत्पाद बनाए जाते हैं। इन तैयार उत्पादों को फिर भारत वापस भेज दिया जाता है और मोदी को ये स्वीकार नहीं है।’’
कनेक्टेड इंफ्रास्ट्रक्चर एंड मल्टी-मॉडल कनेक्टिविटी’ की सदी है 21वीं सदी
प्रधानमंत्री ने कहा कि 21वीं सदी ‘कनेक्टेड इंफ्रास्ट्रक्चर एंड मल्टी-मॉडल कनेक्टिविटी’ की सदी है। उन्होंने कहा, ‘‘ भारत अभूतपूर्व गति से और व्यापक स्तर पर विशेष बुनियादी ढांचे का निर्माण कर रहा है। ये भारत को निवेश के लिए एक बेहतरीन गंतव्य बनाएगा। मुझे पूरा विश्वास है कि ओडिशा बहुत जल्द विकास की उन ऊंचाइयों को छुएगा, जिसकी किसी ने कभी कल्पना भी नहीं की होगी। मुझे खुशी है कि मुख्यमंत्री मोहन चरण मांझी का पूरा दल राज्य के विकास को गति देने के लिए प्रतिबद्ध है।’’प्रधानमंत्री ने कहा कि आसियान देशों ने ओडिशा के साथ व्यापार संबंधों को मजबूत करने में रुचि दिखाई है।
उद्घाटन समारोह में शामिल हुए दिग्गज उद्योगपति
एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि दो दिन के इस सम्मेलन में बड़े उद्योगपतियों सहित करीब 7500 कारोबारी प्रतिनिधियों के भाग लेने की उम्मीद है। उद्घाटन समारोह में वेदांता ग्रुप के चेयरमैन अनिल अग्रवाल, आदित्य बिड़ला ग्रुप के चेयरमैन कुमार मंगलम बिड़ला और जिंदल स्टील एंड पावर के चेयरमैन नवीन जिंदल मौजूद थे। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव भी कार्यक्रम में शामिल हुए।
पीटीआई इनपुट्स के साथ