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DAP और दो फसल बीमा योजनाओं को सब्सिडी देने के लिए एकमुश्त पैकेज की अवधि बढ़ी, सरकार का ऐलान

 Published : Jan 01, 2025 09:31 pm IST,  Updated : Jan 01, 2025 09:31 pm IST

कैबिनेट के एक और बड़े फैसले में, केंद्रीय मंत्रिमंडल ने डाइ-अमोनियम फॉस्फेट (डीएपी) पर अतिरिक्त सब्सिडी को 31 दिसंबर, 2024 से आगे बढ़ा दिया, ताकि इस प्रमुख उर्वरक की खुदरा कीमतों को 50 किलोग्राम के प्रति बैग 1,350 रुपये पर बनाए रखने में मदद मिल सके।

प्रमुख योजनाओं के कार्यान्वयन में टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल के लिए 824.77 करोड़ रुपये का अलग फंड बनाया - India TV Hindi
प्रमुख योजनाओं के कार्यान्वयन में टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल के लिए 824.77 करोड़ रुपये का अलग फंड बनाया गया। Image Source : FILE

प्रमुख उर्वरक डीएपी को सब्सिडी देने के लिए 3,850 करोड़ रुपये तक के एकमुश्त पैकेज की अवधि बुधवार को सरकार ने बढ़ा दी। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने दो फसल बीमा योजनाओं को एक साल के लिए बढ़ाने को मंजूरी दे दी। पीटीआई की खबर के मुताबिक, इस बारे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि ये फैसले किसानों के लिए समर्पित हैं। पीटीआई की खबर के मुताबिक, प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (सीसीईए) ने दो फसल बीमा योजनाओं - पीएमएफबीवाई और आरडब्ल्यूबीसीआईएस - को 2025-26 तक एक और साल के लिए बढ़ा दिया। साथ ही प्रमुख योजनाओं के कार्यान्वयन में टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल के लिए 824.77 करोड़ रुपये का अलग फंड बनाया।

15वें वित्त आयोग की अवधि के मुताबिक बनाने की बात

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (पीएमएफबीवाई) और पुनर्गठित मौसम आधारित फसल बीमा योजना (आरडब्ल्यूबीसीआईएस) को 15वें वित्त आयोग की अवधि के मुताबिक बनाने के लिए बढ़ा दिया गया है। पीएमएफबीवाई और आरडब्ल्यूबीसीआई के लिए कुल परिव्यय को बढ़ाकर 69,515 रुपये कर दिया गया है। साल 2021-22 से 2025-26 के लिए 71 करोड़ रुपये, जो 2020-21 से 2024-25 के लिए 66,550 करोड़ रुपये से अधिक है।

अतिरिक्त सब्सिडी को आगे बढ़ा दिया

कैबिनेट के एक और बड़े फैसले में, केंद्रीय मंत्रिमंडल ने डाइ-अमोनियम फॉस्फेट (डीएपी) पर अतिरिक्त सब्सिडी को 31 दिसंबर, 2024 से आगे बढ़ा दिया, ताकि इस प्रमुख उर्वरक की खुदरा कीमतों को 50 किलोग्राम के प्रति बैग 1,350 रुपये पर बनाए रखने में मदद मिल सके। पिछले साल, केंद्र ने डीएपी पर 3,500 रुपये प्रति टन के एकमुश्त विशेष पैकेज की घोषणा की थी, जो 1 अप्रैल, 2024 से 31 दिसंबर, 2024 तक वैध था, जिसमें कीमतों को नियंत्रण में रखने के लिए 2,625 करोड़ रुपये का वित्तीय निहितार्थ था।

फसलों को अधिक सुरक्षा मिलेगी

कैबिनेट ने 1 जनवरी, 2025 से अगले आदेश तक की अवधि के लिए 3,500 रुपये प्रति टन की दर से डीएपी पर एकमुश्त विशेष पैकेज के विस्तार के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर प्रधानमंत्री ने कहा कि (सरकार का) नए साल का पहला फैसला हमारे देश के करोड़ों किसान भाइयों और बहनों को समर्पित है। हमने फसल बीमा योजना के लिए अलॉटमेंट बढ़ाने को मंजूरी दी है। इससे किसानों की फसलों को अधिक सुरक्षा मिलेगी और किसी भी नुकसान के बारे में उनकी चिंता भी कम होगी। उन्होंने कहा कि डाइ-अमोनियम फॉस्फेट (डीएपी) पर एकमुश्त विशेष पैकेज का विस्तार करने के कैबिनेट के फैसले से किसानों को सस्ती कीमतों पर उर्वरक सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।

किसानों को 1,350 रुपये प्रति बैग की दर से डीएपी मिलता रहेगा

सूचना और प्रसारण (आई एंड बी) मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि किसानों को 1,350 रुपये प्रति बैग की दर से डीएपी मिलता रहेगा और अतिरिक्त बोझ केंद्र सरकार वहन करेगी। डीएपी उर्वरक के लिए 3,850 करोड़ रुपये तक का एकमुश्त विशेष पैकेज स्वीकृत किया गया है। पंजाब में चल रहे किसान आंदोलन और सरकार उन्हें समझाने में असमर्थ क्यों है, इस बारे में पूछे जाने पर वैष्णव ने कहा कि अगर आप हरियाणा चुनाव के दौरान घूमते, तो किसानों ने 'आंदोलन' बनाम वास्तविक कल्याण बनाम 'किसानों के लिए अच्छा' पर बहुत अच्छी प्रतिक्रिया दी थी, आपने खुद देखा होगा। भू-राजनीतिक बाधाओं और वैश्विक बाजार स्थितियों की अस्थिरता के बावजूद, सरकार ने कहा कि उसने खरीफ और रबी 2024-25 के लिए किसानों को सस्ती कीमतों पर डीएपी की उपलब्धता सुनिश्चित की है।

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