GST कलेक्शन 2021 में तीसरी बार पहुंचा 1.30 लाख करोड़ के पार, जानिए क्या कहते हैं ये आंकड़े
Highlights
- नवंबर के दौरान देश में 1.31 लाख करोड़ रुपए का GST जुटाया गया
- पिछले साल नवंबर में प्राप्त हुए टैक्स से 25 प्रतिशत ज्यादा
- इस साल अप्रैल के दौरान देश में 1.39 लाख करोड़ रुपए का GST प्राप्त हुआ था
नई दिल्ली। कोरोना संकट से जूझते हुए भारतीय अर्थव्यवस्था लगता है इस महा संकट से बाहर आ गई है। मंगलवार को जहां 8.4 फीसदी के ग्रोथ के आंकड़ों ने जहां भारत को तरक्की की दौड़ में दुनिया भर में सबसे आगे ला खड़ा किया। वहीं बुधवार को आए जीएसटी कलेक्शन के आंकड़े भी इसी ओर इशारा कर रहे हैं कि देश की अर्थव्यवस्था कोरोना के काले साये से बाहर आ चुकी है। बुधवार को सरकार की तरफ से नवंबर में हुई GST कलेक्शन के आंकड़ों के अनुसार नवंबर के दौरान देश में 1.31 लाख करोड़ रुपए का GST जुटाया गया है। यह किसी भी महीने में प्राप्त हुआ दूसरा सर्वाधिक टैक्स कलेक्शन है। वहीं पिछले साल नवंबर में प्राप्त हुए टैक्स से 25 प्रतिशत ज्यादा है।
बता दें कि इस साल अप्रैल के दौरान देश में 1.39 लाख करोड़ रुपए का GST प्राप्त हुआ था जो अबतक किसी भी महीने में प्राप्त हुआ सर्वाधिक टैक्स है। नवंबर में लगातार दूसरे महीने GST कलेक्शन 1.3 लाख करोड़ रुपए के ऊपर दर्ज किया गया है, इससे पहले अक्तूबर के दौरान 130127 करोड़ रुपए का GST प्राप्त हुआ था। इस साल नवंबर में प्राप्त हुए 131526 करोड़ GST में 23978 करोड़ रुपए CGST के हैं और 31127 करोड़ रुपए SGST तथा 66815 करोड़ रुपए IGST के हैं। इसके अलावा 9606 करोड़ रुपए सेस के तौर पर प्राप्त हुए हैं।

GST में सबसे ज्यादा योगदान देने वाले राज्य
GST कलेक्शन में प्रमुख योगदान महाराष्ट्र, गुजरात, कर्नाटक, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा और तमिलनाडु का रहता है और इन सभी राज्यों में टैक्स की उगाही बढ़ी है। पिछले साल नवंबर में हुई कलेक्शन की तुलना अगर इस साल नवंबर में हुई कलेक्शन से की जाए तो महाराष्ट्र में 24 प्रतिशत, कर्नाटक में 31 प्रतिशत, गुजरात में 26 प्रतिशत, उत्तर प्रदेश में 20 प्रतिशत, दिल्ली में 29 प्रतिशत और हरियाणा में 1 प्रतिशत अधिक कलेक्शन हुई है।
GST कलेक्शन बढ़ने के कारण
देश में जीएसटी के आंकड़े एक बेहतर आर्थिक तस्वीर पेश कर रहे हैं। इसके पीछे मुख्य हाथ GST नियमों को बेहतर तरीके से लागू करने का भी है। सरकार ने नीतियों और प्रशासनिक स्तर पर कई उपाय किए जिनका असर दिख रहा है। इसके अलावा केंद्र सरकार और राज्य सरकार की एजेंसियों का मिलकर GST चोरी के बड़े मामलों को पकड़ा है। साथ ही GSTN की तरफ से विकसित किए विभिन्न आईटी टूल्स के लिए फर्जी इनवॉयस से जुड़े मामलों को पकड़ा गया है। इन आईटी टूल्स के जरिए रिटर्न, इनवॉयस और ई-वे बिल डेटा का इस्तेमाल कर संदिग्ध टैक्सपेयर्स को पकड़ा जाता है। पिछले कुछ महीनों से रिटर्न फाइल करने की प्रक्रिया में लगातार सुधार आया है जिसका असर दिखाई दे रहा है।



































