बांग्लादेश के विदेश मामलों के सलाहकार एम. तौहीद हुसैन ने भारत के साथ हुए 10 द्विपक्षीय समझौते रद्द होने के दावे को खारिज कर दिया। तौहीद हुसैन ने मंगलवार को कहा कि पूर्ववर्ती शेख हसीना सरकार के समय भारत के साथ हुए सिर्फ एक समझौते को रद्द किया गया है। हुसैन ने शेख हसीना सरकार के समय हुए समझौते रद्द होने के बारे में पूछे जाने पर संवाददाताओं से कहा, “सोशल मीडिया पर जिन 10 समझौतों की लिस्ट सामने आई है, वो सही नहीं है।”
भारत के साथ टगबोट समझौता हुआ है रद्द
एम. तौहीद हुसैन ने बताया कि भारत के साथ सिर्फ टगबोट खरीद समझौता ही रद्द किया गया है, क्योंकि मूल्यांकन के बाद ये परियोजना बांग्लादेश के लिए लाभदायक नहीं पाई गई। बताते चलें कि टगबोट एक शक्तिशाली, छोटी नाव होती है। टगबोट का इस्तेमाल दूसरे बड़े जहाजों को धकेलने या खींचने के लिए किया जाता है। इनका इस्तेमाल खासतौर पर भीड़भाड़ वाले बंदरगाहों या संकीर्ण नहरों में किया जाता है।
भारत के साथ चल रही अन्य परियोजनाओं की समीक्षा जारी
सरकारी समाचार एजेंसी ‘बीएसएस’ के मुताबिक, टगबोट खरीद सौदा रद्द करने का फैसला दोनों देशों के बीच पारस्परिक समझ के आधार पर लिया गया है। हुसैन ने कहा कि बांग्लादेश सरकार इस समय अडाणी ग्रुप के साथ बिजली खरीद समझौते और भारत की लोन सुविधाओं से चल रही कुछ अन्य परियोजनाओं की समीक्षा कर रही है। उनकी ये टिप्पणी ऐसे समय आई है जब स्थानीय प्रशासनिक सलाहकार आसिफ महमूद शोएब भुइयां ने सोमवार को अपने फेसबुक अकाउंट पर दावा किया था कि अंतरिम सरकार ने भारत के साथ शेख हसीना के शासनकाल में हुए 10 समझौते रद्द कर दिए हैं।
शेख हसीना ने विरोध प्रदर्शन के बीच पिछले साल दिया था इस्तीफा
आसिफ महमूद शोएब भुइयां के बयान पर तौहीद हुसैन ने अपनी प्रतिक्रिया देने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा, “मैं उस टिप्पणी पर बोलना नहीं चाहता। संभव है, उन्हें ऐसा बयान देने से बचना चाहिए था।” बताते चलें कि पिछले साल सरकारी विरोधी प्रदर्शन के बाद बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना ने अगस्त 2024 में पद से इस्तीफा दे दिया था। वे लंबे समय तक बांग्लादेश की प्रधानमंत्री ही थीं।



































