आधिकारिक बयान में कहा गया कि इस सहयोग से एक्सपोर्ट की मात्रा बढ़ने, सर्विस की क्वालिटी में सुधार होने और इंटरनेशनल मार्केट तक पहुंच बढ़ाकर भारत के लॉजिस्टिक परिवेश को मजबूत करने में मदद मिलेगी।
एम. तौहीद हुसैन ने बताया कि भारत के साथ सिर्फ टगबोट खरीद समझौता ही रद्द किया गया है, क्योंकि मूल्यांकन के बाद ये परियोजना बांग्लादेश के लिए लाभदायक नहीं पाई गई।
अमेरिका के टैरिफ वार के बीच पीएम मोदी की स्वतंत्र और आत्मनिर्भरता की चाल ने ट्रंप के सपनों को चकनाचूर करना शुरू कर दिया है। अमेरिका के सामने झुकने के बजाय भारत ने जापान जैसे साथियों के साथ सहयोग बढ़ाकर ट्रंप को बड़ा झटका दिया है।
भारत और जापान के बीच पीपल-टू-पीपल संपर्क के तहत 5 लाख युवाओं के आदान-प्रदान पर सहमति बनी है। यह समझौता भारतीय युवाओं को जापान में रोजगार दिलाने में सहायक होगा।
अमेरिका-मेक्सिको के बीच तिजुआना नदी की गंदगी और कचरे को लेकर बड़ा समझौता हुआ है। अब दोनों देश मिलकर गंदगी और कचरे को साफ करने के लिए करोड़ों डॉलर का खर्च करेंगे।
पीएम मोदी ने इस यात्रा से भारत और त्रिनिदाद एवं टोबैगो के संबंधों को नया आयाम देने का काम किया है। दोनों देशों में 6 बड़े समझौते होने के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने त्रिनिदाद की पीएम कमला बिसेसर को भारत आने का निमंत्रण दिया, जिसे उन्होंने स्वीकार कर लिया।
पीएम मोदी के नेतृत्व और भारत में बदलते परिवेश ने दुनिया के तमाम देशों को निवेश और द्विपक्षीय संबंधों को गहरा करने के लिए आकर्षित किया है। संयुक्त अरब अमीरात भी भारत के साथ द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने के लिए बेताब है। यूएई के एक सांसद ने भारत से दोस्ती बढ़ाने की अपील की है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नाइजीरिया, ब्राजील और गयाना का यह विदेश दौरा उनके सबसे व्यस्त और सफल विदेश यात्राओं में से एक रहा। पीएम मोदी ने इस दौरान 5 दिन की विदेश यात्रा में दुनिया के 31 नेताओं और संगठनों के मुखिया के साथ द्विपक्षीय वार्ता की।
पीएम मोदी की सिंगापुर यात्रा काफी अहम साबित हुई है। अब सिंगापुर भी भारत का रणनीतिक साझेदार बन गया है। इसके साथ ही सेमीकंडक्टर समेत 4 बड़े क्षेत्रों में महत्वपूर्ण समझौते हुए हैं।
पीएम मोदी ने ब्रुनेई यात्रा के दूसरे दिन आज सुलतान हसनल बोलकिया से उनके लग्जरी पैलेस में मुलाकात की। इस दौरान देनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों को प्रगाढ़ करने पर चर्चा हुई। साथ ही प्रधानमंत्री ने सुल्तान हसनल को भारत आने का निमंत्रण दिया।
थाईलैंड भारत में आसियान का प्रमुख साझेदार होने के साथ ही साथ रक्षा, सुरक्षा और तकनीकी सहयोग से लेकर व्यापार और प्रौद्योगिकी में भारत का अहम रणनीतिक साझेदार का रोल निभा रहा है। वह दक्षिण एशिया में भारत के प्रमुख सहयोगी के तौर पर उभरा है।
भारत और बांग्लादेश के बीच कंसुलर संवाद में वीजा और प्रत्यर्पण जैसे मुद्दों पर होने वाली विसंगतियों को दूर करने का फैसला लिया गया है। इससे दोनों देशों के संबंधों में और निकटता आने की उम्मीद है। नई दिल्ली में भारत और बांग्लेदेश के बीच कई अहम मुद्दों पर द्विपक्षीय वार्ता हुई।
भारत और इंडोनेशिया अब दोस्ती के नए मुकाम की ओर चल रहे हैं। नई दिल्ली में दोनों देशों के बीच रक्षा और समुद्री सुरक्षा को लेकर बड़ा समझौता हुआ है। इससे दोनों देश जमीन से लेकर समुद्र तक एक दूसरे का बहुपक्षीय सहयोग करेंगे।
इजरायल-हमास युद्ध और इजरायल-ईरान युद्ध ने मध्य-पूर्व में बहुत कुछ परिवर्तन दिखाया है। इजरायल-हमास युद्ध के दौरान लेबनान, सीरिया और ईरान पहले ही तेल-अवीव के खिलाफ अप्रत्यक्ष युद्ध में शामिल थे। मगर ईरान-इजरायल द्वारा एक दूसरे पर हवाई हमले ने अब पाकिस्तान और ईरान की दुश्मनी को भी दोस्ती में बदल दिया है।
जयशंकर ने कहा, ''हमारे नेता पिछले साल हिरोशिमा और नयी दिल्ली में दो बार मिल चुके हैं। मुझे लगता है कि उनकी चर्चाओं ने हमें आगे बढ़ने के लिए मार्गदर्शन प्रदान किया है।'' जयशंकर ने दिसंबर में विदेश मंत्री पद पर नियुक्ति के लिए चो को बधाई भी दी। इस दौरान भारत-दक्षिण कोरिया की नई साझेदारी को व्यापक करने पर सहमति बनी।
भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर इन दिनों वियतनाम की 4 दिवसीय यात्रा पर हैं। भारत-वियतनाम के कूटनीतिक संबंधों के 50 वर्ष पूरे होने पर उन्होंने पीएम मोदी की ओर से वियतनाम को बधाई दी। एस जयशंकर ने अपने समकक्ष बुई थान सोन के साथ हिंद-प्रशांत क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा, व्यापार और ऊर्जा के मसले पर अहम बैठक भी की।
विदेश मंत्री एस जयशंकर शनिवार को वियतनाम के 4 दिवसीय दौरे पर पहुंच गए हैं। यहां की यात्रा के बाद वह 2 दिन के लिए सिंगापुर भी जाएंगे। विदेश मंत्री का वियतनाम में जोरदार स्वागत किया गया है। उन्होंने इन तस्वीरों को एक्स पर साझा किया है।
पाकिस्तान के कार्यवाहक प्रधानमंत्री अनवारुल हक काकर 4 दिनों की यात्रा पर चीन जा रहे हैं। इस दौरान पाकिस्तान और चीन के बीच कई बड़े समझौते होने की बात कही गई है। पाकिस्तान इस वक्त अपने सबसे बुरे दौर में चल रहा है। ऐसे में उसे चीन से मदद की बड़ी उम्मीद है।
चीन और रूस अब यूक्रेन युद्ध के बीच मिलकर कुछ ऐसा करने जा रहे हैं जो यूरोप के लिए कतई शुभ समाचार नहीं है। दोनों महाशक्तियां यूरोप और पश्चिमी देशों का दबदबा खत्म करने के लिए बड़ा सैन्य सहयोग करने जा रहे हैं। यह सिर्फ यूक्रेन युद्ध के लिए ही नहीं, बल्कि अमेरिका समेत नाटो देशों के लिए भी बड़ा झटका है।
दक्षिण चीन सागर के साथ ड्रैगन हिंद- प्रशांत महासागर क्षेत्र में भी अपनी दादागिरी बढ़ाता जा रहा है। जबकि इस क्षेत्र में भारत और जापान जैसे देशों का हित अत्यधिक निहित है। चीन ने हिंद - प्रशांत महासागर क्षेत्र में भारत और जापान जैसे देशों के लिए कड़ी चुनौती पैदा कर दी है।
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