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अमेरिका-मेक्सिको में तिजुआना नदी को लेकर बड़ा समझौता, प्रशांत महासागर में गिराती है अरबों गैलन गंदा पानी और रसायन

 Published : Jul 25, 2025 10:00 am IST,  Updated : Jul 25, 2025 10:00 am IST

अमेरिका-मेक्सिको के बीच तिजुआना नदी की गंदगी और कचरे को लेकर बड़ा समझौता हुआ है। अब दोनों देश मिलकर गंदगी और कचरे को साफ करने के लिए करोड़ों डॉलर का खर्च करेंगे।

अमेरिका-मेक्सिको में तिजुआना नदी समझौता।- India TV Hindi
अमेरिका-मेक्सिको में तिजुआना नदी समझौता। Image Source : AP

सैन डिएगो: अमेरिका और मेक्सिको के बीच तिजुआना नदी को लेकर बड़ा समझौता हुआ है। दोनों देशों ने तिजुआना के गंदे पानी के अमेरिका की सीमा में बहकर कैलिफोर्निया के समुद्र तटों को प्रदूषित करने की पुरानी समस्या से निपटने के लिए यह समझौता किया है। बता दें कि तिजुआना नदी से अरबों गैलन गंदा पानी और जहरीले रसायन प्रशांत महासागर में बहते हैं, जिससे दक्षिणी कैलिफोर्निया के समुद्र तट बंद करने पड़े हैं और वहां प्रशिक्षण लेने वाले नेवी सील्स भी बीमार हो गए हैं। मगर अब इस समस्या के समाधान की समय-सीमा तय कर दी गई है।

लाखों डॉलर खर्च होने के बाद भी ठीक नहीं हुई समस्या

यह समस्या कई वर्षों से चली आ रही है। इसे हल करने के लिए ट्रंप प्रशासन-1 के दौरान भी कई प्रयास और करोड़ों डॉलर खर्च किए गए फिर भी समाधान नहीं हुआ। मेक्सिको की पर्यावरण मंत्री एलिसिया बार्सेना ने कहा, “दोनों देशों के बीच सहयोग को मजबूत करने की प्रतिबद्धता बहुत गहरी है।” उन्होंने यह बात मेक्सिको सिटी में अमेरिकी पर्यावरण संरक्षण एजेंसी (EPA) के प्रमुख ली ज़ेल्डिन के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर के बाद कही। इस समझौते से तीन महीने पहले ज़ेल्डिन सैन डिएगो गए थे और वहां उन्होंने सीमा क्षेत्र का दौरा कर समस्या का प्रत्यक्ष अनुभव किया।

तिजुआना का जेल्डिन ने बताया बुरा हाल

जेल्डिन ने कहा,“मैंने वही दुर्गंध सूंघी जो स्थानीय लोग वर्षों से झेलते आ रहे हैं। मैंने तिजुआना नदी घाटी की दुर्दशा देखी, बंद किए गए समुद्र तटों के बारे में सुना और उन नेवी सील्स से मिला जिनके प्रशिक्षण पर असर पड़ा। यह मेरे लिए एक बहुत ही असरदार यात्रा रही।” मेक्सिको 2027 तक $93 मिलियन (लगभग ₹770 करोड़) की लागत से बुनियादी ढांचे की परियोजनाओं को पूरा करेगा। तिजुआना नदी 120 मील लंबी है और मेक्सिको से निकलती है। अमेरिका की कैलिफोर्निया सीमा में प्रशांत महासागर की ओर बहती है। तिजुआना की जनसंख्या और उद्योगों में वृद्धि के साथ गंदे पानी की मात्रा और उसमें घुली औद्योगिक रसायनों की मात्रा भी काफी बढ़ गई है। 

तिजुआना से 7 साल में निकला 100 अरब गैलन कच्चा सीवेज

तिजुआना नदी से 2018 से अब तक 100 अरब गैलन से अधिक कच्चा सीवेज निकला है। इसमें रसायन और कचरा मिला होता है, यह कैलिफोर्निया में बहता है। यह प्रदूषण सिर्फ तैराकों और समुद्र किनारे रहने वालों को ही नहीं, बल्कि बॉर्डर पैट्रोल एजेंटों, बच्चों और स्कूल कर्मचारियों को भी बीमार कर रहा है। वैज्ञानिकों का कहना है कि झाग बनने पर यह सीवेज हवा में वाष्पित होकर लोगों द्वारा सांस के जरिए अंदर चला जाता है।

समुद्र तटों की बंदी

पिछले चार वर्षों में सीमा के पास के कैलिफोर्निया समुद्र तट ज्यादातर समय बंद रहे हैं। "अमेरिकन रिवर्स" संस्था की अधिकारी क्रिस्टन कल्बर्ट ने कहा, “तिजुआना नदी के किनारे रहने वाले लोग इस सार्वजनिक स्वास्थ्य संकट को बहुत लंबे समय से झेल रहे हैं।” 2020 से अब तक $653 मिलियन (₹5400+ करोड़) खर्च किए जा चुके हैं। ज़ेल्डिन के अनुसार समस्या के जारी रहने की वजह मुख्य रूप से मेक्सिको सरकार की देरी रही है।

मेक्सिको की नई राष्ट्रपति का वादा

मेक्सिको की नई राष्ट्रपति क्लाउडिया शिनबाउम ने पिछले अक्टूबर में कार्यभार संभाला था। उन्होंने वादा किया है कि उनकी सरकार एक नया वेस्टवाटर ट्रीटमेंट प्लांट बनाएगी, जिससे प्रदूषण में भारी कमी आएगी। उन्होंने कहा, “हम पूरे तिजुआना क्षेत्र के सीवेज सिस्टम में सुधार के लिए अगले साल कई अन्य परियोजनाएं भी पूरी करेंगे।” 

अमेरिका और मेक्सिको करेंगे यह काम

अब इसके तहत अमेरिका साउथ बे इंटरनेशनल ट्रीटमेंट प्लांट के विस्तार को अगले महीने तक पूरा करेगा। वहीं मेक्सिको 10 मिलियन गैलन प्रतिदिन शुद्ध किए गए सीवेज को समुद्र से हटाकर अन्यत्र भेजेगा। रियो ग्रांडे में जल आपूर्ति से जुड़े एक और समझौते का हवाला देते हुए शिनबाउम ने कहा कि यह दिखाता है कि जब तकनीकी टीमें साथ बैठती हैं, तो जटिल समस्याओं को भी सुलझाया जा सकता है। (एपी/पीटीआई)

 

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