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दुनिया के प्लास्टिक कचरे में भारत का हिस्सा सिर्फ 3.54%, यह देश है टॉप पर

 Written By: Pawan Jayaswal
 Published : Apr 10, 2025 11:41 pm IST,  Updated : Apr 10, 2025 11:41 pm IST

प्लास्टिक कचरा उत्पादन की बात करें तो 2022 में दुनियाभर में लगभग 26.8 करोड़ टन कचरा उत्पन्न हुआ, जिसमें चीन सबसे बड़ा उत्पादक (8.15 करोड़ टन) रहा। इसके बाद अमेरिका (4.01 करोड़ टन), यूरोपीय यूनियन (तीन करोड़ टन) और भारत (95 लाख टन) का स्थान है।

प्लास्टिक कचरा- India TV Hindi
प्लास्टिक कचरा Image Source : FILE

एक नए रिसर्च पेपर के अनुसार, साल 2022 में दुनिया में लगभग 26.8 करोड़ टन प्लास्टिक कचरा उत्पन्न हुआ, जिसमें भारत का योगदान केवल 3.54 प्रतिशत था। 'नेचर' मैगजीन में पब्लिश यह विश्लेषण बताता है कि इसी वर्ष लगभग 40 करोड़ टन प्लास्टिक का उत्पादन हुआ, जिसमें भारत की हिस्सेदारी 5 प्रतिशत रही। प्लास्टिक उत्पादन में चीन का सबसे बड़ा योगदान (32 प्रतिशत) रहा, जिसके बाद अमेरिका (42 प्रतिशत) का स्थान है।

प्लास्टिक कंजंप्शन में चीन सबसे आगे

प्लास्टिक उपभोग के मामले में चीन ग्लोबल सप्लाई का 20 प्रतिशत उपयोग करके सबसे आगे है। इसके बाद अमेरिका (18 प्रतिशत), यूरोपीय यूनियन (16 प्रतिशत), भारत (छह प्रतिशत) और जापान (चार प्रतिशत) का स्थान आता है। रिपोर्ट में प्रति व्यक्ति प्लास्टिक खपत के आंकड़े भी दिए गए हैं, जिसके अनुसार 2022 में अमेरिका में सर्वाधिक प्रति व्यक्ति खपत 216 किलोग्राम थी। जापान में यह 129 किलोग्राम और यूरोपीय यूनियन में 87 किलोग्राम प्रति व्यक्ति थी।

चीन में होता है सबसे ज्यादा प्लास्टिक कचरा

प्लास्टिक कचरा उत्पादन की बात करें तो 2022 में दुनियाभर में लगभग 26.8 करोड़ टन कचरा उत्पन्न हुआ, जिसमें चीन सबसे बड़ा उत्पादक (8.15 करोड़ टन) रहा। इसके बाद अमेरिका (4.01 करोड़ टन), यूरोपीय यूनियन (तीन करोड़ टन) और भारत (95 लाख टन) का स्थान है।

कैसे हो रहा है प्लास्टिक का निपटान

वैश्विक स्तर पर प्लास्टिक कचरे के निपटान के तरीकों पर रिपोर्ट बताती है कि 40 प्रतिशत भराव क्षेत्र में जाता है, 34 प्रतिशत जला दिया जाता है और केवल नौ प्रतिशत रिसाइकल होता है। हालांकि, भराव में भेजे गए वैश्विक प्लास्टिक कचरे का प्रतिशत, 1950 से 2015 के बीच अनुमानित 79 प्रतिशत की तुलना में 2022 में काफी कम है।

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