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Indian Railways: ट्रेन के लोअर बर्थ और मिडिल बर्थ को लेकर क्या हैं नियम? सफर से पहल समझ लें समय का गणित

Edited By: Shivendra Singh Published : Oct 18, 2025 11:43 pm IST, Updated : Oct 18, 2025 11:43 pm IST

यात्रा के दौरान ट्रेन की बर्थ्स को लेकर अक्सर यात्रियों में उलझन देखने को मिलती है। खासकर लोअर और मिडिल बर्थ के इस्तेमाल को लेकर। कभी-कभी यह मामूली सा विवाद भी सफर के एक्सपीरिएंस को खराब कर देता है।

Indian Railways- India TV Paisa
Photo:ANI लोअर और मिडिल बर्थ के नियम

रेल यात्रा में यात्रियों की सुविधा और आराम बनाए रखने के लिए भारतीय रेलवे ने लोअर बर्थ और मिडिल बर्थ के इस्तेमाल के स्पष्ट नियम बनाए हैं। अक्सर यात्रियों के बीच यह समझ नहीं हो पाती कि बर्थ का उपयोग कब और कैसे करना है, खासकर रात के समय जब सभी सो रहे होते हैं। इसलिए सफर शुरू करने से पहले यह जान लेना जरूरी है कि कौन सी बर्थ कब इस्तेमाल की जा सकती है।

लोअर बर्थ के लिए नियम

लोअर बर्थ का मुख्य फायदा यह है कि इसे दिन और रात दोनों समय यात्रियों के बैठने और सोने के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है। रेलवे के नियमों के अनुसार रात 10 बजे से सुबह 6 बजे के बीच, लोअर बर्थ वाले यात्री मिडिल बर्थ को सोने के लिए इस्तेमाल करने से रोक नहीं सकते। यानी अगर कोई मिडिल बर्थ वाला यात्री इस समय अपनी बर्थ पर सोना चाहता है, तो लोअर बर्थ वाला उसे रोक नहीं सकता और किसी प्रकार का जुर्माना नहीं लगेगा। दिन के समय, यानी सुबह 6 बजे से रात 10 बजे तक, लोअर बर्थ वाले यात्रियों को मिडिल बर्थ वाले यात्रियों को बैठने की जगह देनी होती है। इसका मकसद यह है कि सभी यात्री आराम से बैठ सकें और सीटिंग व्यवस्था व्यवस्थित रहे।

मिडिल बर्थ के लिए नियम

मिडिल बर्थ वाले यात्री रात 10 बजे से सुबह 6 बजे के बीच अपनी बर्थ खोलकर सो सकते हैं। यह समय सोने का निर्धारित समय माना जाता है और इस दौरान मिडिल बर्थ का इस्तेमाल करना पूरी तरह वैध है। हालांकि, दिन में मिडिल बर्थ को बंद रखना जरूरी है ताकि लोअर बर्थ वाले यात्रियों को बैठने की जगह मिल सके। सुबह 6 बजे से रात 10 बजे तक मिडिल बर्थ पर सोना पूरी तरह मना है। यदि कोई यात्री रात 10 बजे से पहले मिडिल बर्थ खोलकर सोना शुरू करता है, तो लोअर बर्थ वाले यात्री उसे ऐसा करने से रोक सकते हैं।

सुविधा और आराम का ध्यान

रेलवे के ये नियम यात्रियों की सुविधा और आराम का ध्यान रखते हैं और यह सुनिश्चित करते हैं कि बर्थ का सही इस्तेमाल हो और सफर व्यवस्थित रहे। इसलिए ट्रेन में सफर करने से पहले इन नियमों को जानना और मानना जरूरी है, ताकि आपकी यात्रा आरामदायक और परेशानी-फ्री हो।

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