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भारत में ही बनेंगे अमेरिका में बिकने वाले iPhone, जानें एप्पल सीईओ टिम कुक का प्लान

 Written By: Sunil Chaurasia
 Published : May 02, 2025 11:57 am IST,  Updated : May 02, 2025 11:57 am IST

दिग्गज अमेरिकी गैजेट कंपनी एप्पल ने टैरिफ को मुख्य कारण बताते हुए मौजूदा तिमाही के लिए अपने बजट में करीब 900 मिलियन डॉलर का अतिरिक्त खर्च रखा है।

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एप्पल ने बजट में अलग से रखे 900 मिलियन डॉलर Image Source : PIXABAY

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टैरिफ पॉलिसी के प्रभाव को कम करने के लिए एप्पल की भारत पर निर्भरता बढ़ती जा रही है। कंपनी के Q2 FY25 तिमाही परिणामों के बाद सीईओ टिम कुक ने कहा कि जून तिमाही में अमेरिका में बिकने वाले ज्यादातर iPhones भारत में बने होंगे, क्योंकि एप्पल अपनी सप्लाई चेन को चीन से दूर ले जा रहा है। लेकिन जून के बाद, ये स्पष्ट नहीं है कि स्थिति कैसी होगी। कुक ने कहा कि जून के बाद की परिस्थितियां कैसे होंगी, इसकी भविष्यवाणी करना बहुत मुश्किल है। हालांकि, उन्होंने संकेत दिया कि टैरिफ को लेकर परिस्थितियां अस्थिर बनी हुई हैं। 

वियतनाम से फिलहाल 10 प्रतिशत टैरिफ वसूल रहा है अमेरिका

टिम कुक ने कहा, "हमें उम्मीद है कि अमेरिका में बिकने वाले ज्यादातर आईफोन का मूल देश भारत होगा।" हालांकि, अमेरिका जाने वाले iPads, Mac, Apple Watches और AirPods का अधिकांश उत्पादन वियतनाम में होगा। बताते चलें कि अमेरिका ने चीन से इंपोर्ट होने वाले सामान पर 145% टैरिफ लगाया है। जबकि, चीन की तुलना में वियतनाम पर अभी सिर्फ 10% टैरिफ ही लगाया गया है।

एप्पल ने बजट में अलग से रखे 900 मिलियन डॉलर

दिग्गज अमेरिकी गैजेट कंपनी एप्पल ने टैरिफ को मुख्य कारण बताते हुए मौजूदा तिमाही के लिए अपने बजट में करीब 900 मिलियन डॉलर का अतिरिक्त खर्च रखा है। इस आंकड़े ने कुछ एक्सपर्ट्स को चौंका दिया, जिन्होंने उम्मीद जताई थी कि ये नुकसान और भी ज्यादा होगा। चीन से मंगाई जाने वाली AppleCare सर्विस और एक्सेसरीजज पर अभी भी 145% का पूरा टैरिफ लगेगा और ऐसा माना जा रहा है कि कंपनी फिलहाल इस एक्स्ट्रा खर्च को वहन करने के लिए तैयार है। 

एप्पल के रेवेन्यू में बढ़ोतरी

अमेरिकी टैरिफ की वजह से भविष्य में एप्पल प्रोडक्ट्स की कीमतों में बढ़ोतरी की संभावना को देखते हुए ग्राहकों में खरीदारी की होड़ नजर आने के कोई स्पष्ट सबूत नहीं हैं। मार्च में समाप्त तिमाही के लिए एप्पल ने 95.4 बिलियन डॉलर का रेवेन्यू दर्ज किया, जो एक साल पहले 90.75 बिलियन डॉलर था। जैसे-जैसे एप्पल अपने मैन्यूफैक्चरिंग जियोग्राफी को बदल रहा है, भारत एक प्रमुख ग्लोबल सेंटर के रूप में अपनी स्थिति को मजबूत करने में जुटा हुआ है।

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