जम्मू-कश्मीर की अब्दुल्ला सरकार ने आज शुक्रवार को राज्य का बजट पेश कर दिया है। यह पिछले सात वर्षों में निर्वाचित सरकार द्वारा पेश किया गया पहला बजट है। राज्य के मुख्यमंत्री उमर अबदुल्ला ने यह बजट पेश किया है। उन्होंने कहा कि बजट में महिलाओं और युवाओं को सशक्त बनाने पर फोकस किया गया है। उन्होंने कहा कि राज्य में जीएसटी का अनुपालन बढ़ा है। जम्मू कश्मीर के बजट में एग्रीकल्चर पर 815 करोड़ रुपये आवंटित किये गए हैं। इससे 2.88 लाख नौकरियां पैदा होंगी। राज्य दो-फसल पैटर्न को बढ़ावा देगा और बागवानी के विस्तार पर ध्यान केंद्रित करेगा। सरकार ऊन की प्रोसेसिंग और चमड़ा टैनिंग इंडस्ट्री को बढ़ावा देने की योजना बना रही है। इससे लोकल इकोनॉमी को मदद मिलेगी। अबदुल्ला ने कहा कि दशकों की अशांति के बाद अब राज्य स्थायी शांति के रास्ते पर है। उमर अब्दुल्ला ने राज्य की प्रगति में निरंतर समर्थन और सहयोग के लिए प्रधानमंत्री, गृह मंत्री और वित्त मंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया।
टूरिज्म डेवलपमेंट के लिए 390.20 करोड़ रुपये
सरकार का दूसरा बड़ा फोकस टूरिज्म पर है। सरकार ने 2024 में 2.36 करोड़ पर्यटकों का अनुमान लगाया है। कश्मीर मैराथन जैसे आयोजन में 1800 वैश्विक प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। शिव खोरी और दूधपथरी जैसे स्थानों की बढ़ती लोकप्रियता से राज्य में पर्यटकों की संख्या बढ़ रही है। बजट में टूरिज्म डेवलपमेंट पर 390.20 करोड़ रुपये का प्रोविजन रखा गया है। इसमें होमस्टे बढ़ाने, वाटर स्पोर्ट्स को प्रमोट करने और सोनमर्ग को विंटर स्पोर्ट्स डेस्टिनेशन की तरह डेवलप करने जैसे काम होंगे। जम्मू के सिदरा में एक नाया वाटर पार्क होगा और बशोली को एडवेंचर डेस्टिनेशन के रूप में डेवलप किया जाएगा।
लागू होगी नई फिल्म पॉलिसी
अबदुल्ला ने कहा कि सरकार कृषि, पर्यटन और स्थानीय उद्योगों जैसे क्षेत्रों को सशक्त बनाने पर ध्यान केंद्रित कर रही है। इसके अलावा एक नई फिल्म पॉलिसी लागू करने की भी योजना है। इसका उद्देश्य जम्मू-कश्मीर को फिल्म निर्माण और इको-पर्यटन के लिए एक प्रमुख डेस्टिनेशन बनाना है। राज्य लोकल इंफ्रास्ट्रक्चर में सुधार के लिए 500 नए पंचायत घर बनाने पर भी ध्यान केंद्रित करेगा। बजट से पता चलता है कि 70 प्रतिशत धनराशि वेतन पर आवंटित की जा रही है, जो राज्य के वित्त पर महत्वपूर्ण दबाव डाल रही है। इसके अतिरिक्त, उच्च एटीएनसी (प्रशासनिक, तकनीकी और गैर-वाणिज्यिक) नुकसान हैं और राज्य का कर्ज बढ़ गया है। हालांकि, वित्तीय अनुशासन बनाए रखने के लिए सभी उधार निर्धारित सीमा के भीतर रखे गए हैं। बजट में क्षेत्र के विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 5,000 करोड़ रुपये के अनुदान का प्रावधान भी शामिल है।



































