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ग्रेटर नोएडा में महंगी हुई जमीनें, जानें इस बार कितनी बढ़ी प्रॉपर्टी की कीमतें

 Written By: Sunil Chaurasia
 Published : May 03, 2026 07:54 am IST,  Updated : May 03, 2026 07:54 am IST

शनिवार को आयोजित ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी की एक अहम मीटिंग में इसकी घोषणा हुई। अथॉरिटी ने पिछले साल की तुलना में, इस साल कम बढ़ोतरी की है।

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ग्रेटर नोएडा में क्या है जमीन की कीमतें Image Source : FREEPIK

उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा जमीन की कीमतें बढ़ गई हैं। जमीन की कीमतें बढ़ने से गौतमबुद्ध नगर जिले के ग्रेटर नोएडा में घर, मकान, दुकान, ऑफिस या कारखाने स्थापित करने का खर्च भी बढ़ जाएगा। ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी ने अलग-अलग उद्देश्यों के लिए खरीदी जाने वाली सभी तरह की जमीनों के अलॉटमेंट रेट बढ़ा दिए हैं। ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी ने इस बार जमीन की कीमतों में 3.58 प्रतिशत की बढ़ोतरी की है। जमीनों के नए रेट 1 अप्रैल, 2026 से लागू माने जाएंगे। हालांकि, अथॉरिटी ने पिछले साल की तुलना में, इस साल कम बढ़ोतरी की है। ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी ने पिछले साल की जमीन की आवंटन दरों में औसतन 5 प्रतिशत की बढ़ोतरी की थी। हालांकि, इस साल जमीन की कीमतों में 3.58 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई है।

ग्रेटर नोएडा में क्या है जमीन की कीमतें

शनिवार को आयोजित ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी की एक अहम मीटिंग में इसकी घोषणा हुई। बताते चलें कि ग्रेटर नोएडा में आवासीय श्रेणी की जमीनों की मौजूदा आवंटन दरें 33,481 रुपये से 49,588 रुपये प्रति वर्ग मीटर है। बिल्डर श्रेणी में ये दरें 40,408 रुपये से 57,218 रुपये प्रति वर्ग मीटर और औद्योगिक श्रेणी के लिए ये दरें 10,416 रुपये से 32,327 रुपये प्रति वर्ग मीटर है।  लाइव हिंदुस्तान की एक रिपोर्ट के मुताबिक, नोएडा अथॉरिटी ने इन्हीं कीमतों में 3.58 प्रतिशत की बढ़ोतरी की है। हालांकि, सरकारी और अर्ध सरकारी विभागों को पुरानी प्रचलित आवासीय दरों पर ही जमीनों का आवंटन किया जाएगा।

फ्लैट मालिकों के लिए भी बड़ी राहत की घोषणा

ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी ने आम लोगों के हितों को ध्यान में रखते हुए भी कुछ बड़े फैसले लिए हैं। अथॉरिटी द्वारा बनाए गए EWS फ्लैट और 135 वर्ग मीटर वाले मल्टीस्टोरी फ्लैट मालिकों के लिए OTS (वन-टाइम सेटलमेंट) कार्यक्रम को मंजूरी दी है। इसके तहत, जिन फ्लैट मालिकों पर प्रीमियम और लीज डीड के लिए लेट फीस का बकाया है, उन पर ब्याज का बोझ नहीं डाला जाएगा। ओटीएस की मंजूरी मिलने के बाद प्रीमियम के बकाये और लीज डीड के लेट फीस पर 80 प्रतिशत तक की छूट मिल सकती है और प्रीमियम के बकाये पर ब्याज नहीं लगेगा।

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