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8th Pay Commission: पिछले 7 वेतन आयोगों में क्या थीं प्रमुख सिफारिशें, कर्मचारियों को कौन से हुए बड़े फायदे?

Written By: Pawan Jayaswal
Published : Jan 17, 2025 07:36 am IST, Updated : Jan 17, 2025 10:07 am IST

Pay Commission: अब तक सात वेतन आयोगों का गठन हो चुका है। पीएम मोदी ने गुरुवार को आठवें वेतन आयोग के गठन की भी मंजूरी दे दी है।

वेतन आयोग- India TV Paisa
Photo:FILE वेतन आयोग

8th Pay Commission: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुरुवार को आठवें वेतन आयोग के गठन को मंजूरी दे दी। इससे केंद्र सरकार के लगभग 50 लाख कर्मचारियों और करीब 65 लाख पेंशनधारकों को लाभ होगा। अश्विनी वैष्णव ने बताया कि 8वां वेतन आयोग साल 2026 से लागू होगा। हालांकि, उन्होंने 8वां वेतन आयोग लागू करने की तारीख नहीं बताई। लेकिन, एक्सपर्ट्स का मानना है कि सरकार 1 जनवरी, 2026 से 8वां वेतन आयोग लागू कर सकती है। अब तक सात वेतन आयोग गठित हो चुके हैं। उनका कार्यकाल और मुख्य सिफारिशें इस प्रकार हैं:

पहला वेतन आयोग (मई 1946 से मई 1947)

चेयरमैन: श्रीनिवास वरदाचार्य

भारत की आजादी के बाद वेतन संरचना को तर्कसंगत बनाने पर ध्यान दिया गया।
‘जीविका पारितोषिक’ की अवधारणा पेश।
न्यूनतम वेतन: 55 रुपये प्रति माह। अधिकतम वेतन: 2,000 रुपये प्रति माह।
लाभार्थी: लगभग 15 लाख कर्मचारी

दूसरा वेतन आयोग (अगस्त 1957 से अगस्त 1959)

अध्यक्ष: जगन्नाथ दास
अर्थव्यवस्था और जीवन-यापन की लागत को संतुलित करने पर ध्यान दिया गया।
न्यूनतम वेतन 80 रुपये प्रति माह की सिफारिश की गई समाजवादी प्रतिरूप को अपनाया गया।
लाभार्थी: लगभग 25 लाख कर्मचारी।

तीसरा वेतन आयोग (अप्रैल 1970 से मार्च 1973)

अध्यक्ष: रघुबीर दयाल
न्यूनतम वेतन 185 रुपये प्रति माह की सिफारिश की गई।
सार्वजनिक और निजी क्षेत्रों के बीच वेतन समानता पर जोर दिया गया।
वेतन संरचना में असमानताओं को दूर किया।
लाभार्थी: लगभग 30 लाख कर्मचारी।

चौथा वेतन आयोग (सितंबर, 1983 से दिसंबर, 1986)

चेयरमैन: पी. एन. सिंघल
न्यूनतम वेतन 750 रुपये प्रति माह की सिफारिश की गई।
सभी रैंक में वेतन में असमानताओं को कम करने पर ध्यान दिया गया।
प्रदर्शन से जुड़ी वेतन संरचना पेश की गई।
लाभार्थी: 35 लाख से अधिक कर्मचारी।

पांचवां वेतन आयोग (अप्रैल, 1994 से जनवरी, 1997)

चेयरमैन: न्यायमूर्ति एस. रत्नावेल पांडियन
न्यूनतम वेतन 2,550 रुपये प्रति माह की सिफारिश की गई।
वेतनमान की संख्या कम करने का सुझाव दिया।
सरकारी दफ्तर को आधुनिक बनाने पर ध्यान।
लाभार्थी: लगभग 40 लाख कर्मचारी 

छठा वेतन आयोग (अक्टूबर, 2006 से मार्च, 2008)

चेयरमैन: न्यायमूर्ति बी.एन. श्री कृष्ण
‘पे बैंड’ और ‘ग्रेड पे’ पेश किया गया
न्यूनतम वेतन: 7,000 प्रति माह। अधिकतम वेतन: 80,000 रुपये प्रति माह।
प्रदर्शन संबंधी प्रोत्साहन पर जोर।
लाभार्थी: लगभग 60 लाख कर्मचारी

सातवां वेतन आयोग (फरवरी, 2014 से नवंबर, 2016)

अध्यक्ष: न्यायमूर्ति ए के माथुर
न्यूनतम वेतन 18,000 रुपये प्रति माह तक बढ़ाया गया। अधिकतम वेतन 2,50,000 रुपये प्रति माह।
ग्रेड पे सिस्टम की जगह नये पे मैट्रिक्स की सिफारिश की गई। भत्तों और कार्य-जीवन संतुलन पर ध्यान दिया गया।
लाभार्थी: एक करोड़ से अधिक (पेंशनधारक सहित)

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