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'अपराध-मुक्त' होंगे छोटे अपराध, सोमवार को लोकसभा में पीयूष गोयल पेश करेंगे जन विश्वास (संशोधन) विधेयक 2025

 Edited By: Sunil Chaurasia
 Published : Aug 17, 2025 12:12 pm IST,  Updated : Aug 17, 2025 12:12 pm IST

इस कदम से देश में ज्यादा अनुकूल कारोबारी और नागरिक-केंद्रित वातावरण बनाने में मदद मिलेगी। ये कानून देश के कारोबारी माहौल को बेहतर बनाने के सरकार की कोशिशों का हिस्सा है।

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ज्यादा अनुकूल कारोबारी और नागरिक-केंद्रित वातावरण बनाने में मिलेगी मदद Image Source : HTTPS://X.COM/PIYUSHGOYAL

केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल सोमवार को लोकसभा में जीवन और कारोबार सुगमता के लिए कुछ छोटे अपराधों को ‘अपराध-मुक्त’ करने के लिए जन विश्वास (संशोधन) विधेयक-2025 पेश करेंगे। लोकसभा की वेबसाइट पर डाली गई कार्यसूची के अनुसार, पीयूष गोयल जन विश्वास (प्रावधानों में संशोधन) विधेयक-2025 पेश करेंगे। इस विधेयक का उद्देश्य ‘‘कुछ छोटे-मोटे अपराधों को ‘अपराध-मुक्त’ बनाकर भरोसा आधारित शासन को बढ़ाना तथा जीवन और कारोबार सुगमता की स्थिति को बेहतर करना है। इस विधेयक के माध्यम से 350 से ज्यादा प्रावधानों में संशोधन का प्रस्ताव है। 

ज्यादा अनुकूल कारोबारी और नागरिक-केंद्रित वातावरण बनाने में मिलेगी मदद

एक अधिकारी के अनुसार, इस कदम से देश में ज्यादा अनुकूल कारोबारी और नागरिक-केंद्रित वातावरण बनाने में मदद मिलेगी। ये कानून देश के कारोबारी माहौल को बेहतर बनाने के सरकार की कोशिशों का हिस्सा है। इससे पहले 2023 में, जन विश्वास (प्रावधानों में संशोधन) अधिनियम पारित किया गया था, जिसके तहत 19 मंत्रालयों और विभागों द्वारा प्रशासित 42 केंद्रीय अधिनियमों के 183 प्रावधानों को ‘अपराध-मुक्त’ कर दिया गया था। इस अधिनियम के माध्यम से, सरकार ने कुछ प्रावधानों में कारावास और/या जुर्माने को हटा दिया था। कुछ नियमों में कारावास को हटा दिया गया और जुर्माने को बरकरार रखा गया, जबकि कुछ मामलों में कारावास और जुर्माने को मात्र जुर्माने में बदल दिया गया था। 

40,000 से ज्यादा अनावश्यक अनुपालन पहले ही खत्म किए जा चुके हैं

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 अगस्त को अपने स्वतंत्रता दिवस के संबोधन में कहा, ‘‘हमारे देश में ऐसे कानून हैं, जो सुनने में भले ही आश्चर्यजनक लगें, लेकिन मामूली बातों पर कारावास का प्रावधान करते हैं और किसी ने कभी उन पर ध्यान नहीं दिया। मैंने ये सुनिश्चित करने का बीड़ा उठाया है कि ऐसे अनावश्यक कानून, जो भारतीय नागरिकों को सलाखों के पीछे डालते हैं, समाप्त किए जाएं। हमने पहले संसद में एक विधेयक पेश किया था, हम इसे इस बार फिर से लाए हैं।’’ सरकार ने पहले 40,000 से ज्यादा अनावश्यक अनुपालनों को खत्म किया है। इसने 1500 से ज्यादा पुराने पड़ चुके कानूनों को खत्म कर दिया गया है। 

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