1. Hindi News
  2. पैसा
  3. बिज़नेस
  4. सरसों की खरीद शुरू, 1 अप्रैल से शुरू होगी गेहूं की खरीद, इस राज्य में किसानों के लिए आई अच्छी खबर

सरसों की खरीद शुरू, 1 अप्रैल से शुरू होगी गेहूं की खरीद, इस राज्य में किसानों के लिए आई अच्छी खबर

 Edited By: Sunil Chaurasia
 Published : Mar 29, 2026 08:01 am IST,  Updated : Mar 29, 2026 08:01 am IST

हरियाणा सरकार इस साल लगभग 13 लाख टन सरसों खरीदने की योजना बना रही है। इसमें से 25 प्रतिशत खरीद केंद्रीय एजेंसियों के माध्यम से 'मूल्य समर्थन योजना' के तहत की जाएगी।

Mustard, Mustard procurement, Mustard procurement in haryana, haryana, wheat, wheat procurement, whe- India TV Hindi
13 लाख टन सरसों खरीदने की योजना बना रही है हरियाणा सरकार Image Source : FREEPIK

हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने शनिवार को अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे सुनिश्चित करें कि रबी खरीद सत्र 2026-27 के दौरान फसलें बेचने के लिए मंडियों में आने वाले किसानों को किसी भी तरह की असुविधा का सामना नहीं करना पड़े। सैनी यहां खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग और फसल खरीद से जुड़ी अन्य एजेंसियों के अधिकारियों की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने रबी खरीद सत्र के लिए की गई व्यवस्थाओं की समीक्षा भी की। एक सरकारी बयान में कहा गया है कि गेहूं की खरीद 1 अप्रैल, 2026 से शुरू होगी और भारत सरकार ने इस रबी खरीद सत्र के लिए 72 लाख टन का लक्ष्य निर्धारित किया है। हरियाणा में सरसों की खरीद 28 मार्च से शुरू हो गई है। 

13 लाख टन सरसों खरीदने की योजना बना रही है हरियाणा सरकार

इस साल, राज्य सरकार लगभग 13 लाख टन सरसों खरीदने की योजना बना रही है। इसमें से 25 प्रतिशत खरीद केंद्रीय एजेंसियों (नाफेड और एलसीसीएफ) के माध्यम से 'मूल्य समर्थन योजना' के तहत की जाएगी, जबकि शेष 75 प्रतिशत खरीद राज्य की एजेंसियों (हाफेड और हरियाणा राज्य भंडारण निगम द्वारा 50:50 के अनुपात में) द्वारा की जाएगी। अधिकारियों ने बताया कि गेहूं की खरीद के लिए राज्य में 416 मंडियां निर्धारित की गई हैं। सरसों के लिए 112, जौ के लिए 25, चने के लिए 11 और मसूर के लिए 7 मंडियों की पहचान की गई है। उन्होंने कहा कि रबी फसलों की सुचारू और पारदर्शी खरीद सुनिश्चित करने के लिए राज्य द्वारा संचालित विभिन्न पोर्टल में कई सुधार किए गए हैं। 

किसानों को इन बातों का रखना होगा खास ध्यान

मंडियों में उपज लाने वाले सभी किसानों के लिए अपने वाहनों पर गाड़ी का नंबर स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करना अनिवार्य कर दिया गया है। इस साल, खरीद कार्यों के लिए सभी मंडियों को 'जियो-फेंस' किया गया है। आने वाले किसानों के लिए सभी गेट पास 'ई-खरीद' मोबाइल ऐप के माध्यम से जारी किए जाएंगे। इसी तरह, बोली प्रक्रिया के दौरान, ''मेरी फसल मेरा ब्योरा'' पोर्टल पर पंजीकृत किसान, या उनके तीन अधिकृत प्रतिनिधियों में से किसी एक का बायोमेट्रिक सत्यापन अनिवार्य होगा। हरियाणा की सभी मंडियों में बायोमेट्रिक सत्यापन के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं। सभी गेट पास और खरीद से संबंधित गतिविधियां मोबाइल ऐप के माध्यम से ही संचालित की जाएंगी। 

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Business से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें पैसा