प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी से एक साथ चार नई वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इसी के साथ, भारत में अब कुल वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनों की संख्या बढ़कर 164 हो गई है। भारतीय रेलवे बोर्ड के सूचना एवं प्रचार विभाग के कार्यकारी निदेशक दिलीप कुमार ने एएनआई को बताया, "देश भर में पहले से ही 156 वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनें चल रही हैं और 8 नई ट्रेनों के जुड़ने से अब कुल 164 ट्रेनें हो जाएंगी। बताते चलें कि पीएम मोदी ने 15 फरवरी, 2019 को नई दिल्ली-वाराणसी रूट पर देश की पहली वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था।
किन 4 रूटों पर चलेंगी नई वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनें
प्रधानमंत्री ने आज बनारस-खजुराहो, लखनऊ-सहारनपुर, फिरोजपुर-दिल्ली और एर्नाकुलम-कोयंबटूर-बेंगलुरू रूट पर चलाई जाने वाली 4 नई वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनों का उद्घाटन किया। ये नई ट्रेनें देश के प्रमुख गंतव्यों के बीच यात्रा के समय को उल्लेखनीय रूप से कम करेंगी। इसके साथ ही, ये ट्रेनें क्षेत्रीय गतिशीलता को बढ़ाएंगी, पर्यटन और देश भर में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देंगी। देश में अभी जितनी भी वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनें चलाई जा रही हैं, इनमें सिर्फ बैठने की सुविधा उपलब्ध है। लेकिन, अब जल्द ही देश में सोने की सुविधा के साथ स्लीपर वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनें भी दौड़ना शुरू कर देंगी।
बनारस-खजुराहो रूट पर होगी 2 घंटे 40 मिनट की बचत
बनारस-खजुराहो वंदे भारत एक्सप्रेस इस रूट पर डायरेक्ट कनेक्टिविटी स्थापित करेगी और वर्तमान में चल रही स्पेशल ट्रेनों की तुलना में लगभग 2 घंटे 40 मिनट का समय बचाएगी। लखनऊ से सहारनपुर के बीच चलने वाली नई वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन करीब 7 घंटे 45 मिनट में अपना सफर पूरा करेगी, जिससे यात्रियों का लगभग 1 घंटे का समय बचेगा। पंजाब के फिरोजपुर से दिल्ली के बीच दौड़ने वाली वंदे भारत अब इस रूट की सबसे तेज ट्रेन होगी। ये सिर्फ 6 घंटे 40 मिनट में यात्रा पूरी करेगी। एर्नाकुलम-बेंगलुरु वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन यात्रियों के दो घंटे बचाएगी और सिर्फ 8 घंटे 40 मिनट में अपना सफर पूरा करेगी।



































