प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तमिलनाडु के मदुरै में 4400 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन किया और आधारशिला रखी। इन परियोजनाओं से कनेक्टिविटी बेहतर होगी, अर्थव्यवस्था मजबूत होगी और रोजगार पैदा होंगे। माना जा रहा है कि यह दौरा विधानसभा चुनावों में NDA को राजनीतिक लाभ पहुंचा सकता है।
रेलवे ट्रैक पार करते समय कपल और उनकी मासूम बच्ची वंदे भारत एक्सप्रेस की चपेट में आ गए। तीनों की मौके पर ही मौत हो गई। तीनों मृतकों की पहचान हो गई है।
रेल मंत्रालय की यह पहल दक्षिण और पश्चिम भारत के बीच बेहतर कनेक्टिविटी स्थापित करने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है। अगर प्रस्ताव को अंतिम मंजूरी मिलती है, तो बेंगलुरु और गोवा के बीच यात्रा पहले से अधिक तेज और सुविधाजनक हो जाएगी।
वंदे भारत ट्रेन पर हुए पथराव के बाद पुलिस की टीम ने जांच शुरू कर दी है। इस ट्रेन पर संघ प्रमुख मोहन भागवत सवार थे। वह मेरठ में एक कार्यक्रम में हिस्सा लेने आ रहे थे।
देश की सबसे आधुनिक और तेज रफ्तार ट्रेन मानी जाने वाली वंदे भारत एक्सप्रेस को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। जहां एक तरफ रेलवे लगातार नए रूट पर वंदे भारत ट्रेनें शुरू कर रहा है, वहीं दूसरी ओर दो रूट पर इन ट्रेनों को बंद करने का फैसला लिया गया है।
उत्तर पश्चिम रेलवे ने एक बयान में कहा कि यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए रेलवे बोर्ड ने उदयपुर सिटी–असारवा (अहमदाबाद) वंदे भारत ट्रेन को मंजूरी दी है।
16 डिब्बों वाली इस वंदे भारत स्लीपर ट्रेन में कुल 823 सीटें हैं। इसमें फर्स्ट एसी का 1, सेकेंड एसी के 4 और थर्ड एसी के 11 डिब्बे हैं।
पूरी तरह वातानुकूलित वंदे भारत स्लीपर ट्रेन यात्रियों को किफायती किराए पर विमान जैसी सुविधाओं का अनुभव देगी। प्रधानमंत्री 17-18 जनवरी को पश्चिम बंगाल का दौरा करेंगे।
वंदे भारत स्लीपर ट्रेन में आम लोगों की सुविधा पर खास ध्यान दिया जाएगा। इस ट्रेन में VIP या इमरजेंसी कोटा नहीं चलेगा।
आगामी वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस भारतीय रेलवे की टिकट बुकिंग प्रणाली में बड़ा बदलाव लेकर आ रही है। इस ट्रेन में RAC (रिजर्वेशन अगेंस्ट कैंसिलेशन) की सुविधा नहीं होगी। अगले सप्ताह गुवाहाटी–हावड़ा रूट पर देश की पहली वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस का परिचालन शुरू होगा।
16 डिब्बों वाली इस ट्रेन की यात्री क्षमता 823 है और इसकी डिजाइन गति 180 किलोमीटर प्रति घंटा है। हालांकि, यह फिलहाल दोनों शहरों के बीच 120-130 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलेगी तथा असम और पश्चिम बंगाल के प्रमुख जिलों को कवर करेगी।
अगर आप गुवाहाटी-कोलकाता के बीच शुरू होने जा रही वंदे भारत स्लीपर ट्रेन में यात्रा करेंगे तो आपको खाने में क्या मिलेगा, केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इसके बारे में खुलकर बताया है।
180 किलोमीटर प्रति घंटे की स्पीड से दौड़ती वंदे भारत स्लीपर ट्रेन में भी पानी से भरे गिलास न हिले और ना ही छलके। इसने वंदे भारत स्लीपर ट्रेन की तकनीकी मजबूती साबित कर दी है। देखें इसकी तारीफ में रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने क्या कहा?
स्थानीय व्यंजन शुरू करने से यात्रियों का अनुभव काफी बेहतर होगा क्योंकि इससे यात्रा के दौरान मिलने वाले खाने में उस क्षेत्र की संस्कृति और स्वाद की झलक मिलेगी।
नई दिल्ली और राजेंद्र नगर (पटना) के बीच चलाई जाने वाली देश की पहली हाई-टेक वंदे भारत स्लीपर ट्रेन में कुल 16 कोच होंगे, जिनमें कुल 827 बर्थ होंगी।
सहारनपुर-लखनऊ के बीच चलने वाली वंदे भारत एक्सप्रेस के शेड्यूल में बड़ा बदलाव किया गया है। रेलवे ने ट्रेन के समय में संशोधन करते हुए नया शेड्यूल जारी कर दिया है।
वंदे भारत स्लीपर ट्रेन ने पश्चिम मध्य रेलवे के कोटा मंडल में गति परीक्षण के दौरान 180 किलोमीटर प्रति घंटे की अधिकतम रफ्तार प्राप्त कर नया कीर्तिमान स्थापित किया।
बनारस और खजुराहो के बीच चलाई जाने वाली वंदे भारत एक्सप्रेस की टाइमिंग्स, रूट और स्टॉपेज की सारी डिटेल्स आ चुकी हैं।
प्रधानमंत्री ने आज बनारस-खजुराहो, लखनऊ-सहारनपुर, फिरोजपुर-दिल्ली और एर्नाकुलम-कोयंबटूर-बेंगलुरू रूट पर चलाई जाने वाली 4 नई वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनों का उद्घाटन किया।
बनारस-खजुराहो वंदे भारत एक्सप्रेस भारत के कुछ सबसे प्रतिष्ठित धार्मिक और सांस्कृतिक स्थलों, जैसे वाराणसी, प्रयागराज, चित्रकूट और खजुराहो को जोड़ेगी।
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