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बड़ी गिरावट! 85.91 रुपए का हुआ 1 डॉलर, अब तक के सबसे निचले स्तर पर क्यों पहुंचा रुपया?

 Edited By: Alok Kumar @alocksone
 Published : Jan 08, 2025 11:23 pm IST,  Updated : Jan 08, 2025 11:29 pm IST

फिनरेक्स ट्रेजरी एडवाइजर्स एलएलपी के ट्रेजरी प्रमुख और कार्यकारी निदेशक अनिल कुमार भंसाली ने कहा ​कि यह गिरावट अमेरिकी डॉलर की मजबूती के कारण है।

Dollar vs Rupee - India TV Hindi
डॉलर के मुकाबले रुपया Image Source : FILE

अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया लगातार दूसरे कारोबारी सत्र बुधवार को 17 पैसे की बड़ी गिरावट के साथ 85.91 प्रति डॉलर के अबतक के सबसे निचले स्तर पर आ गया। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और अमेरिकी मुद्रा के मजबूत होने के बीच रुपये में यह बड़ी गिरावट आई है। विदेशी मुद्रा विश्लेषकों ने कहा कि घरेलू शेयर बाजारों में सुस्त धारणा और विदेशी संस्थागत निवेशकों की निरंतर पूंजी निकासी से भी रुपये पर असर पड़ा है। वहीं निवेशक सरकार द्वारा आर्थिक वृद्धि के कमजोर अनुमान को लेकर सतर्क बने रहे। अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया 85.82 पर खुला। कारोबार के अंत में 85.91 प्रति डॉलर पर बंद हुआ, जो पिछले बंद भाव से 17 पैसे की गिरावट को बताता है। मंगलवार को रुपया छह पैसे की गिरावट के साथ 85.74 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था। 

रुपया कमजोर होने की वजह क्या?

फिनरेक्स ट्रेजरी एडवाइजर्स एलएलपी के ट्रेजरी प्रमुख और कार्यकारी निदेशक अनिल कुमार भंसाली ने कहा ​कि यह गिरावट अमेरिकी डॉलर की मजबूती के कारण है। इसे अमेरिका से सकारात्मक आर्थिक संकेतकों से बल मिला है, जिसमें मजबूत श्रम बाजार आंकड़े और सेवा क्षेत्र में बढ़ी गतिविधि शामिल हैं। इन कारकों के कारण अमेरिकी बॉन्ड प्रतिफल में वृद्धि हुई है, जिससे निवेशकों के लिए डॉलर अधिक आकर्षक हो गया है। उन्होंने कहा कि इसके जवाब में, भारतीय रिजर्व बैंक ने रुपये के नुकसान को कम करने के लिए सरकारी बैंकों के माध्यम से हस्तक्षेप किया है। इन प्रयासों के बावजूद, रुपये की विनिमय दर में गिरावट भारत की आर्थिक वृद्धि और पूंजी प्रवाह के बारे में व्यापक चिंताओं को दर्शाता है। 

डॉलर इंडेक्स उछलकर रिकॉर्ड हाई पर पहुंचा 

इस बीच, छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी डॉलर की स्थिति को दर्शाने वाला डॉलर सूचकांक 0.35 प्रतिशत चढ़कर 108.76 पर पहुंच गया। फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में कटौती में देरी की संभावना के बीच 10-साल के अमेरिकी बॉन्ड पर प्रतिफल भी 4.67 प्रतिशत पर ऊंचा बना रहा। वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड वायदा कारोबार में 0.90 प्रतिशत बढ़कर 77.74 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 50.62 अंक गिरकर 78,148.49 अंक पर बंद हुआ। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 18.95 अंक की मामूली गिरावट के साथ 23,688.95 अंक पर रहा। शेयर बाजार के आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) पूंजी बाजार में शुद्ध बिकवाल रहे। उन्होंने बुधवार को शुद्ध रूप से 3,362.18 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। 

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