मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज की एक रिपोर्ट के अनुसार, जबरदस्त औद्योगिक मांग, कमजोर डॉलर और वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच सुरक्षित निवेश प्रवाह के कारण आने वाले महीनों में चांदी की कीमतें 1.5 लाख रुपये प्रति किलो तक पहुंच सकती हैं। इस दृष्टिकोण के अनुसार, वैश्विक बाजारों में चांदी 50 डॉलर प्रति औंस के स्तर को छू सकती है। अपने तिमाही पूर्वानुमान में, वित्तीय सेवा कंपनी ने कहा कि चांदी ने मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर इस साल अबतक लगभग 37 प्रतिशत का लाभ दिया है, जो कई परिसंपत्ति वर्गों से बेहतर प्रदर्शन है।
6 महीनों में 1,35,000 रुपये प्रति किलो तक पहुंच जाएगा भाव
चांदी को निवेश और औद्योगिक मांग, भू-राजनीतिक तनाव और प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में मौद्रिक नीति में ढील की उम्मीदों के मिश्रण से लाभ हुआ है। रिपोर्ट के अनुसार, अपने पिछले लक्ष्यों को हासिल करने के बाद, हमारा मानना है कि चांदी में और भी तेजी आने की संभावना है। रिपोर्ट कहती है, ‘‘हमें उम्मीद है कि घरेलू मोर्चे पर कीमतें 6 महीनों में धीरे-धीरे 1,35,000 रुपये प्रति किलोग्राम और फिर 12 महीनों में 1,50,000 रुपये प्रति किलोग्राम की ओर बढ़ेंगी, बशर्ते रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 88.5 के आसपास कारोबार करे।’’
कॉमेक्स पर 50 डॉलर प्रति औंस के स्तर को छू सकती है चांदी
मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड को उम्मीद है कि अंतरराष्ट्रीय बाजारों में कॉमेक्स चांदी वायदा शुरुआत में 45 डॉलर प्रति औंस और तेजी के अगले चरण में 50 डॉलर प्रति औंस के स्तर को छू सकता है। रिपोर्ट में इस बात पर प्रकाश डाला गया है कि चांदी के तेजी के अनुमान को कई कारकों का समर्थन प्राप्त है। रिपोर्ट में कहा गया है कि अमेरिका स्थित सिल्वर इंस्टिट्यूट का अनुमान है कि साल 2025 में औद्योगिक मांग कुल उत्पादन का लगभग 60 प्रतिशत हो सकती है और सौर ऊर्जा, इलेक्ट्रिक वाहन और 5जी बुनियादी ढांचे जैसी हरित प्रौद्योगिकियों की मांग अगली कुछ तिमाहियों में चांदी के लिए सकारात्मक तस्वीर पेश करती रहेगी।
इस साल की पहली छमाही में इंपोर्ट हुई 3000 टन से ज्यादा चांदी
घरेलू मोर्चे पर, भारत ने साल 2025 की पहली छमाही में 3,000 टन से अधिक चांदी का आयात किया है, जो उद्योग और निवेशकों दोनों की अच्छी रुचि को दर्शाता है। भारत में चांदी ईटीएफ में इस वर्ष प्रबंधनाधीन परिसंपत्तियों में भी तेज बढ़ोतरी देखी गई है। कॉमेक्स पर चांदी में इस साल अब तक 41.6 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है, जबकि सोने में 34.6 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। इसके विपरीत, लंदन मेटल्स एक्सचेंज पर तांबे जैसी आधार धातुओं में अपेक्षाकृत मामूली 14 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई है।