अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 2 अप्रैल को नई टैरिफ पॉलिसी की घोषणा की है। इसके तहत भारतीय उत्पादों पर 27 फीसदी तक टैरिफ लगाया जाएगा। इसमें एक यूनिवर्सल 10 फीसदी टैरिफ भी शामिल है, जो 5 अप्रैल से प्रभावी हो जाएगा। वहीं, 27 फीसदी टैरिफ 9 अप्रैल से लागू होगा। अमेरिका द्वारा घोषित इस नए टैरिफ से भारत के कई एक्सपोर्ट सेक्टर्स पर असर पड़ने की आशंका है। इनमें झींगा मछली, कालीन, गोल्ड जूलरी, चिकित्सा उपकरण जैसे उत्पाद शामिल हैं। आइए विस्तार से जानते हैं।
झींगा मछली
अमेरिका भारतीय झींगा मछली का सबसे बड़ा बाजार है और हाई टैरिफ के कारण भारतीय झींगा अमेरिकी बाजार में कम कॉम्पिटिटिव हो जाएगी। अमेरिका पहले से ही भारतीय झींगा पर डंपिंग-रोधी और प्रतिपूरक शुल्क लगा रहा है। भारत अपने झींगा निर्यात का 40% अमेरिका को भेजता है, जहां इसके मुख्य कॉम्पिटीटर इक्वाडोर और इंडोनेशिया हैं।
कालीन
अमेरिका भारत से कालीन का सबसे बड़ा आयातक है, जिसका मूल्य वित्त वर्ष 2023-24 में लगभग 2 अरब डॉलर था। नए टैरिफ से इस सेक्टर पर असर पड़ेगा।
रत्न और आभूषण
वित्त वर्ष 2023-24 में भारत ने वैश्विक स्तर पर 32.85 अरब डॉलर के रत्न और आभूषण निर्यात किए, जिसमें अमेरिका का हिस्सा 30.28% (10 अरब डॉलर) था। नए टैरिफ से इस सेक्टर पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ेगा। कामा ज्वेलरी के प्रबंध निदेशक के अनुसार, रत्न और आभूषण सेक्टर सबसे अधिक प्रभावित होगा, जिसमें तराशे हुए हीरे पर शुल्क 0% से 20% तक और सोने के आभूषणों पर 5.5-7% तक बढ़ सकता है।
चिकित्सा उपकरण
एसोसिएशन ऑफ इंडियन मेडिकल डिवाइस इंडस्ट्री (AIMED) का मानना है कि अमेरिका द्वारा चिकित्सा उपकरण निर्यात पर 27% टैरिफ लगाने से इस सेक्टर की ग्रोथ के लिए चुनौतियाँ पैदा हो सकती हैं। वित्त वर्ष 2023-24 में भारत का अमेरिका को चिकित्सा उपकरण निर्यात 71 करोड़ 43.8 लाख डॉलर था।