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थोक महंगाई जनवरी में घटने के बावजूद खाने-पीने की चीजें हुईं महंगी, जानिए क्यों

 Edited By: India TV Paisa Desk
 Published : Feb 14, 2022 01:15 pm IST,  Updated : Feb 14, 2022 01:15 pm IST

खाद्य वस्तुओं के दाम बढ़ने के बावजूद जनवरी, 2022 में थोक मूल्य सूचकांक (डब्ल्यूपीआई) मुद्रास्फीति घटकर 12.96 प्रतिशत पर आ गई। सरकारी आंकड़ों से सोमवार को यह जानकारी मिली है।

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Highlights

  • जनवरी, 2022 में थोक मूल्य सूचकांक मुद्रास्फीति घटकर 12.96 प्रतिशत पर आ गई
  • दिसंबर, 2021 में थोक मुद्रास्फीति 13.56 प्रतिशत और जनवरी में 2.51 प्रतिशत पर थी
  • जनवरी, 2022 में सब्जियों की मूल्यवृद्धि 34.85 प्रतिशत पर पहुंच गई

नई दिल्ली। खाद्य वस्तुओं के दाम बढ़ने के बावजूद जनवरी, 2022 में थोक मूल्य सूचकांक (डब्ल्यूपीआई) मुद्रास्फीति घटकर 12.96 प्रतिशत पर आ गई। सरकारी आंकड़ों से सोमवार को यह जानकारी मिली है। दिसंबर, 2021 में थोक मुद्रास्फीति 13.56 प्रतिशत और जनवरी, 2021 में 2.51 प्रतिशत पर थी। थोक मुद्रास्फीति अप्रैल, 2021 से लगातार दसवें माह 10 प्रतिशत से ऊंची बनी हुई है। आंकड़ों के अनुसार, जनवरी, 2022 में खाद्य वस्तुओं की मुद्रास्फीति बढ़कर 10.33 प्रतिशत पर पहुंच गई। दिसंबर, 2021 में यह 9.56 प्रतिशत थी। 

सब्जियों के दाम में भारी उछाल 

इसी तरह समीक्षाधीन महीने में सब्जियों की मूल्यवृद्धि 34.85 प्रतिशत पर पहुंच गई, जो पिछले महीने 31.56 प्रतिशत थी। दालों, अनाज और धान की मद्रास्फीति माह-दर-माह आधार पर बढ़ी। अंडा, मांस और मछली की मुद्रास्फीति जनवरी में 9.85 प्रतिशत रही। दूसरी ओर आलू के दाम माह के दौरान 14.45 प्रतिशत और प्याज के 15.98 प्रतिशत कम हुए। विनिर्मित वस्तुओं की मुद्रास्फीति जनवरी में घटकर 9.42 प्रतिशत पर आ गई। दिसंबर, 2021 में यह 10.62 प्रतिशत थी। 

ईंधन भी महंगा हुआ 

जनवरी में ईंधन और ऊर्जा खंड में मुद्रास्फीति 32.27 प्रतिशत रही, जो इससे पिछले महीने 32.30 प्रतिशत थी। गौरतलब है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत रिकॉर्ड 96 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गई है। ऐसे में आने वाले समय में भी ईंधन की महंगाई से राहत मिलने की उम्मीद नहीं है। 

थोक महंगाई में राहत मिलने का अर्थ

थोक महंगाई थोक बाजारों में सामान की कीमतों की स्थिति बताता है। थोक में कीमत बढ़ने से इस सूचकांक में तेजी देखी जाती है। यह महंगाई तब आती है जब थोक में खरीदे जाने वाले सामानों में महंगाई आती है। जाहिर सी बात है कि जब होलसेल रेट बढ़ेंगे तो खुदरा दाम भी बढ़ जाएंगे और खुदरा महंगाई में तेजी देखी जाएगी। लेकिन चूंकि अब होलसेल रेट में कमी देखी जा रही है, तो खुदरा महंगाई में भी धीरे-धीरे कमी देखी जाएगी। 

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