अगर आप भी नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास या इससे सटे इलाकों में रेसिडेंशियल प्लॉट की तलाश कर रहे हैं तो सतर्क रहिएगा। यमुना एक्सप्रेसवे इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी यानी यीडा ने अपनी तय सीमाओं में, और खासकर आगामी नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के आसपास तपाड़ क्षेत्र में बढ़ रहे अवैध हाउसिंग प्रोजेक्ट्स की जांच शुरू कर दी है। हिंदुस्तान टाइम्स की खबर के मुताबिक, यह कदम उन कई अवैध कॉलोनियों के मामले में उठाया गया है, जिन्हें गैर-कानूनी जमीन डीलरों द्वारा विकसित किया जा रहा है, जो लोगों को बिना वैध मंजूरी वाले प्लॉट्स खरीदने के लिए बहका रहे हैं।
Related Stories
अधिक मुनाफे का झांसा देकर बेचे जा रहे प्लॉट्स
खबर के मुताबिक, अथॉरिटी के अधिकारियों का कहना है कि, ये फर्जी प्लॉट्स पास के शहरों के खरीदारों को अधिक मुनाफे का झांसा देकर बेचे जा रहे हैं। ये गैर-कानूनी निर्माण ऐसे भूमि पर हो रहे हैं, जो पहले से ही औद्योगिक और शहरी विकास के लिए रिजर्व है। इससे क्षेत्र की भविष्य की विकास योजनाओं पर गंभीर असर पड़ सकता है। अथॉरिटी के सीईओ ने कहा कि हमने प्रभावी कार्रवाई के लिए निरीक्षण का निर्देश दिया है। अगर हमारी टीमों को किसी अवैध निर्माण का पता चलता है, तो उन्हें तुरंत उसे ध्वस्त करने और अतिक्रमण मुक्त कराने को कहा गया है।
2001 में यीडा की हुई थी स्थापना
यमुना एक्सप्रेसवे इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी यानी यीडा की स्थापना 2001 में ग्रेटर नोएडा और आगरा के बीच विकास को प्रोत्साहित करने के लिए की गई थी। इसका अधिसूचित क्षेत्र लगभग 2.5 लाख हेक्टेयर फैला हुआ है, जिसमें गौतम बुद्ध नगर, बुलंदशहर, अलीगढ़, हाथरस, मथुरा और आगरा के छह जिले शामिल हैं। हालांकि, अब तक यह प्राधिकरण लगभग 20,000 हेक्टेयर जमीन ही हासिल कर पाया है, जो मुख्य रूप से गौतम बुद्ध नगर में एक्सप्रेसवे के किनारे स्थित है, जहां नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट और फिल्म सिटी जैसे बड़े प्रोजेक्ट्स बन रहे हैं।
अथॉरिटी सार्वजनिक नोटिस जारी करेगा
जानकार बताते हैं कि कई फर्जी एजेंट तपाड़, जेवर और गोरौली जैसे इलाकों में लगभग 100 वर्ग गज के छोटे प्लॉट्स 20 लाख रुपये या उससे अधिक में बेच रहे हैं। ये दावा करते हैं कि इन प्लॉट्स की कीमत एक-दो साल में दोगुनी हो जाएगी। लेकिन ये प्लॉट अक्सर कृषि भूमि पर होते हैं, जो विकास के लिए अधिसूचित है, और जब यीडा जमीन अधिग्रहण करता है तो खरीदार खाली हाथ रह जाते हैं। इस जाल में और लोगों के फंसने से बचाने के लिए अथॉरिटी जल्द ही सार्वजनिक नोटिस जारी करेगा, जिसमें खरीदारों को ऐसी बिना मंजूरी वाली हाउसिंग स्कीमों में निवेश न करने की चेतावनी दी जाएगी।