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योगी सरकार में लेटलतीफी करने वाले अधिकारियों की खैर नहीं, ड्रोन से ऐसे रखी जाएगी नजर

 Edited By: Alok Kumar @alocksone
 Published : Nov 25, 2023 04:06 pm IST,  Updated : Nov 25, 2023 04:06 pm IST

यीडा रीजन में फिनटेक हब बनाने के लिए एक वृहद डीटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट भी कंपाइल की जाएगी जिसको पूर्ण करने के लिए कंसल्टेंट्स को आबद्ध किए जाने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।

Drone - India TV Hindi
ड्रोन Image Source : AP

यूपी की योगी सरकार लेटलतीफी को बर्दाश्त करने के मूड में बिल्कुल नहीं है। राज्य में विकास का पहिया तेज गति से चलाने के लिए सरकार हर हाल में सभी बड़े प्रोजेक्ट का काम तय समय में पूरा कराना चाहती है। अब इसके लिए सरकार ने बड़ी तैयारी है। दरअसल, सरकार ने ग्रेटर नोएडा के तमाम क्षेत्रों में वृहद एरियल ड्रोन सर्वे की तैयारी की है। सीएम योगी की अध्यक्षता में ग्रेटर नोएडा क्षेत्र के विकास का रोडमैप तैयार किया गया था और इसी के एक प्रमुख चरण के तौर पर ड्रोन सर्वे की प्रक्रिया को शुरू करने की तैयारी हो गई है। जानकारों का कहना है कि यह एक अच्छी पहल है। इससे प्रोजेक्ट की निगरानी करने में मदद मिलेगी और अधिकारियों के टालमटोल रवैये पर अंकुश लगाया जा सकेगा। इससे समय पर प्रोजेक्ट का काम पूरा होगा। 

गांवों का एरियल सर्वे करने की तैयारी 

यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) ने प्रक्रिया को आगे बढ़ाते हुए कुल 7 जोन्स का चिन्हांकन किया है, जिनमें आने वाले विभिन्न गांवों का एरियल सर्वे करने की तैयारी है। कई चरणों में इस प्रक्रिया को अंजाम दिया जाएगा। पहले चरण में मुख्यतः 15 गांवों में ड्रोन सर्वे होंगे। वहीं, ड्रोन सर्वे की इस सारी प्रक्रिया को पूर्ण करने के लिए 6 महीने की समयसीमा निर्धारित की गई है। इस क्रम में ई-बिडिंग प्रक्रिया के जरिए कॉन्ट्रैक्टर एजेंसी का निर्धारण किया जाएगा तथा कार्यों की पूर्ति के लिए बाकायदा जनशक्ति आबद्ध की जाएगी।

निरीक्षण यीडा के सीइओ द्वारा स्वयं किया जाएगा

सरकार की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार ड्रोन सर्वे के जरिए यीडा के अंतर्गत आने वाले जोन 5 व 6, जोन 7, जोन 9, जोन 3 जोन 8 व जोन 4 के गांवों में ड्रोन सर्वे को अंजाम देने की तैयारी की जा रही है। यह ड्रोन सर्वे कई मामलों में विशिष्ट होगा और इसके जरिए गांवों की अवसंरचना व भौगोलिक परिस्थितियों की मैपिंग तथा चिह्नांकन की प्रक्रिया को पूर्ण किया जाएगा। इस कार्य का निरीक्षण यीडा के सीइओ द्वारा स्वयं किया जाएगा। सर्वे को पूर्ण करने के लिए जिन कॉन्ट्रैक्टर एजेंसियों को कार्य आवंटित किया जाएगा, उन्हें निर्धारित लक्ष्यों की पूर्ति के लिए जनशक्ति आबद्ध करने का भी अधिकार होगा। सर्वे को पूर्ण करने के लिए एजेंसी द्वारा कैंप्स का गठन किया जाएगा तथा आवश्यकता अनुसार इंजीनियर्स व टेक्निकल स्टाफ को भी आबद्ध किया जाएगा।

कई प्रोजेक्ट पर एक साथ चल रहा काम 

यीडा द्वारा सर्वे प्रक्रिया को अंजाम देने के साथ ही कई अन्य विकास परियोजनाओं पर भी कार्य चल रहा है। इनमें सेक्टर 18 में पॉकेट 6डी में रोड ड्रेन, सीवर व वॉटर सप्लाई प्रक्रिया को पूर्ण करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। वहीं, सेक्टर 29 में कई स्थानों पर अंडरग्राउंड वॉटर रिजरवॉयर बनाने की भी तैयारी है। इसके अतिरिक्त, धोरऊ में गौशाला में भूसा व खल-चोकर स्टोर करने के लिए अतिरिक्त शेड व कनेक्टिंग रोड के निर्माण की प्रक्रिया पर भी काम चल रहा है।

इनपुट: आईएएनएस

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