Guru-Ketu Dwidwadash Yog 2026 and Horoscope: ज्योतिष शास्त्र में ग्रहों के गोचर और उनके आपसी तालमेल से बनने वाले योगों का सभी 12 राशियों पर गहरा असर पड़ता है। 2 जून 2026 को देवगुरु बृहस्पति और छाया ग्रह केतु मिलकर द्विद्वादश योग का निर्माण कर रहे हैं। ज्योतिषों के अनुसार, गुरु और केतु का यह संयोग इन राशियों के लिए बेहद ही शुभ रहने वाला है। इन राशि के जातकों को धन और समृद्धि की प्राप्ति होगी। तो आइए जानते हैं कि इन दो ग्रहों के दुर्लभ संयोग से किन राशियों को लाभ मिलेगा।
1. मेष राशि
मेष राशि वालों के लिए यह योग काफी अच्छा रहने वाला है। ऑफिस में आपको कोई बड़ी जिम्मेदारी मिल सकती है, जिससे आपके प्रमोशन और सैलरी बढ़ने के रास्ते खुलेंगे। समाज में मान-सम्मान में वृद्धि होगी और कार्यस्थल पर भी आपके काम की तारीफ होगी। मेष राशि के छात्रों को बड़ी सफलता मिल सकती है। द्विद्वादश योग मेष राशि वालों के लिए अपार खुशियां लेकर आएगा।
2. कर्क राशि
कर्क राशि के जातकों के लिए गुरु-केतु का यह द्विद्वादश योग सुख-सुविधाओं में बढ़ोतरी लेकर आ रहा है। यदि आप लंबे समय से नया मकान या गाड़ी खरीदने की प्लानिंग कर रहे थे तो आपकी यह इच्छा पूरी हो सकती है। घर में चल रहे पुराने कलह-कलेश दूर होंगे और मानसिक शांति मिलेगी। जो लोग लंबे समय से नई नौकरी तलाश रहे थे उन्हें अच्छी जॉब का ऑफर मिल सकता है। छात्रों के लिए यह शानदार रहेगा।
3. धनु राशि
धनु राशि के जातकों के लिए यह समय निवेश से तगड़ा रिटर्न पाने का है। केतु के शुभ प्रभाव से आपको पैतृक संपत्ति, लॉटरी या किसी गुप्त स्रोत से अचानक बड़ा धन मिल सकता है। जो लोग विदेश जाकर नौकरी या पढ़ाई करना चाहते हैं उनकी सारी बाधाएं दूर होंगी। गुरु-केतु का द्विद्वादश योग के शुभ प्रभाव से धनु राशि वालों के करियर में बड़ी तरक्की मिलेगी।
4. कुंभ राशि
कुंभ राशि के जातकों के लिए यह योग बेहद शानदार रहेगा। जो लोग नया बिजनेस शुरू करना चाहते हैं या पार्टनरशिप में काम कर रहे हैं, उन्हें तगड़ा आर्थिक लाभ होगा। लंबे समय से अटका हुआ पैसा अचानक वापस मिल सकता है, जिससे आपकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। करियर में भी काफी सुधार हो सकता है। कार्यस्थल पर अधिकारी और आपके सीनियर काम की तारीफ करेंगे, प्रमोशन का रास्ता साफ होगा। आय में वृद्धि के योग हैं।
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)
यह भी पढ़ें: