1. Hindi News
  2. पैसा
  3. आईपीओ
  4. किसी IPO का मूल्यांकन कैसे करें? बोली लगाने से पहले समझ लें ये पते की बात

किसी IPO का मूल्यांकन कैसे करें? बोली लगाने से पहले समझ लें ये पते की बात

 Published : Apr 18, 2025 10:47 pm IST,  Updated : Apr 18, 2025 10:47 pm IST

आईपीओ में बोली लगाने से पहले यह देखें कि प्रमोटर का पिछले व्यवसायों में ट्रैक रिकॉर्ड क्या है? आईपीओ के जरिये जुटाए फंड का इस्तेमाल कंपनी किसमें करेगी, इसको समझने की कोशिश करें।

कंपनी की लाभप्रदता, सॉल्वेंसी, एसेट टर्नओवर अनुपात पर ध्यान दें। - India TV Hindi
कंपनी की लाभप्रदता, सॉल्वेंसी, एसेट टर्नओवर अनुपात पर ध्यान दें। Image Source : FREEPIK

मार्केट में कंपनियां फंड जुटाने के लिए आईपीओ लेकर आती हैं। निवेशक भी इस आईपीओ के जरिये कमाई करना चाहते हैं। एक तरह से यह अच्छा है क्योंकि यह खुदरा निवेशक को समान अवसर प्रदान करता है। लेकिन आईपीओ ऑफर में लिस्टेड स्टॉक जितनी जानकारी निवेशकों को नहीं होती है। हालांकि IPO प्रॉस्पेक्टस में निवेशक के लिए IPO की संभावनाओं का मूल्यांकन करने के लिए बहुत सारी जानकारी होती है। बोली लगाने से पहले अगर आप उस कंपनी के आईपीओ का सही मूल्यांक कर लेते हैं तो आपको आगे की संभावना का मोटा-मोटी अंदाजा लग जाता है। आप तय कर सकते हैं कि बोली लगाना है या नहीं। आइए, किसी IPO का मूल्यांकन कैसे करें, इसको लेकर कुछ बातों पर चर्चा करते हैं।

कंपनी का फाइनेंशियल स्टेटस जांचें

ज्यादातर आईपीओ बीते 3 सालों के वित्तीय डिटेल प्रदान करेंगे, जिसमें आय विवरण, बैलेंस शीट और नकदी प्रवाह विवरण शामिल हैं। इस बात की पड़ताल करें कि क्या कंपनी की बिक्री और लाभ लगातार बढ़ रहे हैं। यह भी देखें कि क्या आईपीओ बहुत अधिक इक्विटी कमजोर पड़ने और ईपीएस को प्रभावित करता है। सबसे ज्यादा, लाभप्रदता, सॉल्वेंसी, एसेट टर्नओवर अनुपात पर ध्यान दें।

रिस्क को समझें

एसबीआई सिक्योरिटीज के मुताबिक, सभी आईपीओ स्टॉक एक कीमत पर अच्छे हैं, लेकिन उच्च कीमत पर नहीं। यह मायने रखता है कि कंपनी निवेशकों के लिए कितना छोड़ती है। अगर कंपनी घाटे में चल रही है, तो आप शुरू में मूल्यांकन जोखिम उठा रहे हैं। साथ ही, अगर मूल्यांकन (पी/ई रेशियो) सहकर्मी समूह की तुलना में बहुत अधिक है, तो आईपीओ की अपसाइड क्षमता भी सीमित है।

फंड का कहां होगा इस्तेमाल

आईपीओ के जरिये जुटाए फंड का इस्तेमाल कंपनी किसमें करेगी, इसको समझने की कोशिश करें। उदाहरण के लिए, क्षमता का विस्तार करने और उत्पादन बढ़ाने के लिए आईपीओ फंड जुटाना आम तौर पर आईपीओ के लिए पॉजिटिव होता है। निवेशकों को आईपीओ फंड का इस्तेमाल रियल एस्टेट, सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्यों, अनिर्दिष्ट अधिग्रहण आदि के लिए किए जाने के बारे में सतर्क रहना चाहिए। कर्ज चुकाने के लिए आईपीओ से जुटाए फंड का इस्तेमाल करना कर्ज कम करने के लिए एक बार के प्रयास के रूप में ठीक है, लेकिन नियमित अभ्यास नहीं है।

प्रमोटर का मूल्यांकन जरूरी

आईपीओ में बोली लगाने से पहले यह देखें कि प्रमोटर का पिछले व्यवसायों में ट्रैक रिकॉर्ड क्या है? क्या कंपनी के पास प्रमोटर का समर्थन करने के लिए उत्तराधिकार योजना और ठोस प्रबंधन है? इसके अलावा, किसी आईपीओ की वास्तविक गुणवत्ता का आकलन करने के लिए, किसी को बुक रनिंग लीड मैनेजर्स,  आईपीओ में भाग लेने वाले एंकर निवेशकों आदि की गुणवत्ता को भी देखना चाहिए।

इंडस्ट्री के ट्रेंड की पड़ताल करें

प्रमुख इंडस्ट्री के ट्रेंड की जांच भी बेहद अहम है। कंपनी के उस विशिष्ट क्षेत्र में नेतृत्व को देखना एक अच्छा विचार है जिसमें वह काम करती है। उद्योग की वृद्धि, बाजार का विस्तार कैसे होगा, नए रुझान आदि को देखें। साथ ही, आकस्मिक जोखिम कारक कुछ ऐसे हैं जिन्हें कई निवेशक अनदेखा कर देते हैं, लेकिन निवेशक के लिए इसके कुछ महत्वपूर्ण संकेत हो सकते हैं।

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। IPO से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें पैसा