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नहीं थम रही FPIs की बिकवाली, मई में अभी तक ₹14,231 करोड़ के शेयर बेचे- 2026 के आंकड़े चिंताजनक

 Edited By: Sunil Chaurasia
 Published : May 10, 2026 12:20 pm IST,  Updated : May 10, 2026 12:20 pm IST

एनएसडीएल के आंकड़ों के अनुसार, इसके साथ ही 2026 में एफपीआई की भारतीय शेयर बाजार में बिकवाली का आंकड़ा बढ़कर दो लाख करोड़ रुपये के पार निकल गया है।

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नहीं थम रही FPIs की बिकवाली Image Source : PTI

विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) की बिकवाली थमने का नाम नहीं ले रही है। विदेशी निवेशकों द्वारा की जा रही ताबड़तोड़ बिकवाली ने घरेलू निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) का भारतीय शेयर बाजार से निकासी का सिलसिला मई में भी जारी है। वैश्विक वृहद आर्थिक अनिश्चितता के बीच एफपीआई ने इस महीने अभी तक भारतीय शेयर बाजार से शुद्ध रूप से 14,231 करोड़ रुपये के शेयर बेचकर पैसे निकाले हैं। एनएसडीएल के आंकड़ों के अनुसार, इसके साथ ही 2026 में एफपीआई की भारतीय शेयर बाजार में बिकवाली का आंकड़ा बढ़कर दो लाख करोड़ रुपये के पार निकल गया है। 

साल 2025 में विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों ने भारतीय बाजार से निकाले थे 1.66 लाख करोड़ रुपये

पूरे 2025 के दौरान एफपीआई ने भारतीय बाजार से 1.66 लाख करोड़ रुपये निकाले थे। इस साल फरवरी को छोड़कर, 2026 के सभी महीनों में एफपीआई शुद्ध बिकवाल रहे हैं। जनवरी में उन्होंने 35,962 करोड़ रुपये निकाले थे। हालांकि, फरवरी में उन्होंने 22,615 करोड़ रुपये का निवेश किया था, जो 17 महीने का सबसे ऊंचा स्तर है। हालांकि, मार्च में ये रुख फिर पलट गया और विदेशी निवेशकों ने रिकॉर्ड 1.17 लाख करोड़ रुपये के शेयर बेचकर अपने पैसे निकाल लिए। अप्रैल में भी उन्होंने 60,847 करोड़ रुपये के शेयर बेचे और अब मई में भी ये सिलसिला जारी है और एफपीआई अबतक 14,231 करोड़ रुपये के शेयर बेच चुके हैं। 

भारत के इन सेक्टरों में पैसा लगा रहे हैं विदेशी निवेशक

मॉर्निंगस्टार इन्वेस्टमेंट रिसर्च इंडिया के चीफ मैनेजर (रिसर्च) हिमांशु श्रीवास्तव ने कहा, ''एफपीआई की बिकवाली की मुख्य वजह वैश्विक वृहद आर्थिक अनिश्चितता है। विदेशी निवेशक खासकर महंगाई, ब्याज दरों और भू-राजनीतिक जोखिमों को लेकर चिंतित हैं।'' श्रीवास्तव ने ये भी कहा कि भारतीय रुपया भी दबाव में है, जो विदेशी निवेशकों के लिए डॉलर-समायोजित प्रतिफल पर असर डाल रहा है। जियोजीत इन्वेस्टमेंट्स के मुख्य निवेश रणनीतिकार वी. के. विजयकुमार ने कहा कि कुल बिकवाली के बावजूद एफपीआई बिजली, निर्माण और पूंजीगत सामान जैसे चुनिंदा क्षेत्रों में निवेश कर रहे हैं।

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