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Gold ने सिर्फ 4 महीने में दिया 25% रिटर्न, क्या यही है खरीदने का सबसे सही वक्त?

 Written By: Pawan Jayaswal
 Published : Apr 20, 2025 07:50 pm IST,  Updated : Apr 20, 2025 07:50 pm IST

जैसे-जैसे केंद्रीय बैंक अपने भंडार को मजबूत कर रहे हैं और निवेशक सुरक्षा की तलाश कर रहे हैं, हमारा मानना है कि सोना एक पसंदीदा एसेट बना रहेगा।

सोने का भाव- India TV Hindi
सोने का भाव Image Source : PIXABAY

साल 2025 के पहले चार महीनों में सोने ने शानदार परफॉर्म किया है। इस दौरान सोना करीब 25 फीसदी बढ़कर एमसीएक्स और कॉमेक्स दोनों एक्सचेंजों पर रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गया है। इस तेज ग्रोथ का कारण भू-राजनीतिक तनाव में वृद्धि, ट्रेड वॉर- विशेष रूप से अमेरिका व चीन के बीच और संस्थागत तथा खुदरा निवेशकों दोनों से सेफ हेवन एसेट के रूप में डिमांड में आई तेजी है। एक्सपर्ट्स के अनुसार, सोने का आउटलुक पॉजिटिव बना हुआ है। लगातार ट्रेड वॉर, महंगाई का दबाव और केंद्रीय बैंकों द्वारा सोने की खरीद से कीमतों को सपोर्ट मिल रहा है।

'बाइंग ऑन डिप'

मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज के नवनीत दमानी ने कहा, "नीतिगत अनिश्चितता, महंगाई के दबाव और अस्थिर भू-राजनीति माहौल में सोना महत्वपूर्ण एसेट बना हुआ है। जैसे-जैसे केंद्रीय बैंक अपने भंडार को मजबूत कर रहे हैं और निवेशक सुरक्षा की तलाश कर रहे हैं, हमारा मानना है कि सोना एक पसंदीदा एसेट बना रहेगा। वैश्विक व्यापार तनावों में किसी महत्वपूर्ण सॉल्यूशन के अभाव में हम मीडियम से लॉन्ग टर्म में सोने के लिए 'बाइंग ऑन डिप' का रुख बनाकर रख रहे हैं।"

प्रॉफिट बुकिंग

उधर वेंचुरा के कमोडिटीज प्रमुख एनएस रामस्वामी का कहना है कि मौजूदा तेजी में सोना खरीदना उचित नहीं है। रामस्वामी ने कहा, "खरीद के अवसर शॉर्ट टर्म प्राइस करेक्शन पर ही मिलेंगे। उन्होंने कहा कि शॉर्ट टर्म में तेजी संदिग्ध है, क्योंकि हर उछाल संभावित प्रॉफिट बुकिंग और प्राइस करेक्शन का अवसर देती है।" उन्होंने आगे कहा कि यह तेजी संभवतः अपने चरम पर है और निवेशक सोने में अत्यधिक अलोकेशन से बचें। 

टुकड़ों में करें खरीदारी

दूसरी ओर वीटी मार्केट्स के ग्लोबल स्ट्रैटेजी ऑपरेशंस लीड रॉस मैक्सवेल ने कहा कि उच्च स्तर पर खरीदारी हमेशा जोखिम भरी होता है, क्योंकि आप ओवरबॉट तकनीकी और संभावित लाभ लेने पर करेक्शंस के लिए खुद को खुला छोड़ देते हैं। एक्सपर्ट्स के अनुसार, अगर निवेशक लॉन्ग टर्म वेल्थ प्रोटेक्शन के लिए या व्यापक आर्थिक और भू-राजनीतिक जोखिमों के खिलाफ बचाव के लिए निवेश करना चाहते हैं, तो सोना खरीद सकते हैं। आप आने वाले समय में छोटे-छोटे हिस्सों में गोल्ड खरीद सकते हैं।

(डिस्क्लेमर: यह आर्टिकल सिर्फ जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है। किसी भी प्रकार के निवेश से पहले या वित्तीय जोखिम लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से सलाह जरूर लें। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के जोखिम के लिए उत्तरदायी नहीं होगा।)

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