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Share Market Today: कल मार्केट में हाहाकर मचने के बाद भी स्थिति में नहीं आया आज सुधार, बाजार खुलते ही सेंसेक्स में आई गिरावट

 Published : Dec 16, 2022 09:51 am IST,  Updated : Dec 16, 2022 09:51 am IST

कल मार्केट में काफी उथल-पूथल देखने को मिली थी। यही हाल आज का भी है। आज सेसेंक्स में गिरावट देखी जा रही है।

आज बाजार खुलते ही सेंसेक्स में आई गिरावट- India TV Hindi
आज बाजार खुलते ही सेंसेक्स में आई गिरावट Image Source : FILE

Share Market Today: आज शेयर बाजार में गिरावट देखी जा रही है। सेंसेक्स गिरावट के साथ 61,505 पर खुला। अभी भी मार्केट में 80 अंको की गिरावट देखी जा रही है। यही साल निफ्टी का भी है। यह इस समय 18 अंको की गिरावट के साथ कारोबार कर रही है। इस समय निफ्टी 19,358.88 पर है। आज मार्केट में काफी उथल-पुथल देखने को मिल सकता है।

कल सेंसेक्स में आई थी जोरदार गिरावट

इसके चलते बीएसई सेंसेक्स 878.88 अंक टूटकर 61,799.03 अंक पर बंद हुआ। इसी तरह एनएसई निफ्टी भी 245.40 अंक की बड़ी गिरावट के साथ 18,414.90 अंक पर बंद हुआ। इसके साथ ही निफ्टी ने अपना अहम सपोर्ट 18,5000 को तोड़ दिया। आपको बता दें कि बुधवार रात अमेरिकी फेड की ओर से ब्याज दर 0.50 फीसदी की वृद्धि की गई। फेड ने आगे भी बढ़ोतरी के संकेत दिए हैं। अमेरिका में ब्याज दरें 15 वर्षों के हाई पर पहुंच गई हैं। इसका बाजार के निवेशकों पर बुरा असर हुआ। इसके चलते बाजार में चौतरफा बिकवाली देखने को मिली। सेंसेक्स में शामिल 30 शेयरों में सिर्फ एनटीपीसी और सनफार्मा में तेजी रही। बाकी 28 शेयर लाल निशान में बंद हुए। 

निवेशकों के 3 लाख करोड़ डूबे 

बाजार में बड़ी बिकवाली आने से निवेशकों को बड़ा नुकसान उठाना पड़ा है। दरअसल, 14 दिसंबर को बंद होने पर बीएसई पर सूचीबद्ध कंपनियों का बाजार पूंजीकरण 2.91 लाख करोड़ था जो 15 दिसंबर को बाजार बंद होने पर घटकर 2.88 लाख करोड़ रुपये रह गया। इस तरह झटके में निवेशकों को 3 लाख करोड़ रुपये का नुकसान हो गया।

मंदी की आशंका से पड़ रहा शेयर पर असर

जियोजीत फाइनेंशियल सर्विसेज के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, ‘‘रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचने के बाद घरेलू बाजार बाजार में काफी उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है। इसका कारण आर्थिक नरमी और फेडरल रिजर्व के नीतिगत दर में वृद्धि की आशंका से वैश्विक बाजारों में गिरावट है। मंदी की आशंका से आईटी और दवा कंपनियों के शेयरों पर असर पड़ा है। वहीं सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों ने बाजार को समर्थन देना जारी रखा है। वैश्विक बाजार में यह उतार-चढ़ाव बना रह सकता है, क्योंकि बाजार को अगले सप्ताह जारी होने वाली अमेरिका में फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति और मुद्रास्फीति के आंकड़े का इंतजार है।

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