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छोटी कंपनियों के शेयरों ने दिया ‘बड़ा’ रिटर्न, सेंसेक्स-निफ्टी आसपास भी नहीं फटके

 Edited By: Alok Kumar @alocksone
 Published : Mar 29, 2024 04:53 pm IST,  Updated : Mar 29, 2024 04:53 pm IST

निवेशकों के लिहाज से यह साल जबरदस्त रहा। सेंसेक्स, निफ्टी, मिड-कैप और स्मॉल-कैप, सोना और क्रूड में निवेश करने वाले निवेशकों को बंपर रिटर्न मिला।

Mid and Smallcap share - India TV Hindi
मिड-कैप और स्मॉल-कैप Image Source : FILE

वित्त वर्ष 2023-24 में छोटी कंपनियों के शेयरों ने दिया ‘बड़ा’ रिटर्न दिया है। बीएसई के मिड-कैप और स्मॉल-कैप सूचकांक में सूचीबद्ध मझोली और छोटी कंपनियों के शेयरों ने 2023-24 में करीब 62 प्रतिशत रिटर्न (प्रतिफल) दिया है। मिड-कैप और स्मॉलकैप शेयरों का प्रदर्शन सेंसेक्स और निफ्टी से बेहतर रहा है। आपको बता दें कि FY 2024 में सेंसेक्स ने 24.85% और निफ्टी ने  28.61% का रिटर्न दिया। इस मुकाबले छोटे और मझोले शेयरों ने काफी अधिक रिटर्न दिया। 

क्यों मिला तगड़ा रिटर्न? 

मार्केट एक्सपर्ट का कहना है कि यह देश में मजबूत वृहद आर्थिक परिस्थितियों और विभिन्न कंपनियों के तिमाही नतीजे बेहतर रहने के बीच निवेशकों की उत्साहपूर्ण भावना को दर्शाता है। एक विश्लेषण के अनुसार, बीएसई मिड-कैप सूचकांक वित्त वर्ष 2023-24 में 15,013.95 अंक या 62.38 प्रतिशत उछल गया, जबकि स्मॉल-कैप 16,068.99 अंक या 59.60 प्रतिशत चढ़ा। इसकी तुलना में, समीक्षाधीन वित्त वर्ष में 30 शेयर वाले बीएसई सेंसेक्स ने 14,659.83 अंक या 24.85 प्रतिशत बढ़त हासिल की। हेज फंड हेडोनोवा में सीआईओ सुमन बनर्जी ने कहा, ‘‘ निवेशकों की भावना में यह बदलाव भारत में मजबूत व्यापक आर्थिक स्थितियों से प्रेरित है, यह परंपरागत रूप से आर्थिक विस्तार की अवधि के दौरान छोटी कंपनियों के शेयरों में त्वरित वृद्धि को बढ़ावा देता है।’’ 

भारतीय अर्थव्यवस्था में मजबूती के संकेत 

व्यापक बाजार ने वित्त वर्ष 2023-24 में प्रभावशाली प्रदर्शन किया। 31 मार्च, 2023 को अपने 52-सप्ताह के निचले स्तर 23,881.79 अंक पर फिसलने के बाद बीएसई मिडकैप सूचकांक आठ फरवरी को 40,282.49 के अपने स्तर पर पहुंच गया। बीएसई स्मॉल-कैप सूचकांक सात फरवरी को अपने सर्वकालिक उच्च स्तर 46,821.39 पर पहुंच गया, जबकि पिछले साल 31 मार्च को यह 52-सप्ताह के निचले स्तर 26,692.09 अंक पर आ गया था। बीएसई का 30 शेयर वाला सेंसेक्स इस साल सात मार्च को 74,245.17 अंक के अपने सर्वकालिक उच्चस्तर पर पहुंच गया था। स्वस्तिका इन्वेस्टमार्ट लिमिटेड के प्रबंध निदेशक सुनील न्याति ने कहा, ‘‘ चालू वित्त वर्ष में सेंसेक्स की तुलना में छोटी कंपनी के शेयरों का बेहतर प्रदर्शन भारतीय घरेलू बाजार की गतिशील प्रकृति और निवेशकों को प्रदान किए जाने वाले विविध अवसरों को दर्शाता है।’’ 

स्थानीय निवेशकों द्वारा खरीदे जाते हैं छोटे शेयर 

बाजार विश्लेषकों के अनुसार, छोटी कंपनियों के शेयर आमतौर पर स्थानीय निवेशकों द्वारा खरीदे जाते हैं, जबकि विदेशी निवेशक बड़ी कंपनियों के शेयर पर ध्यान केंद्रित करते हैं। वित्त वर्ष 2022-23 में बीएसई सेंसेक्स 423.01 अंक या 0.72 प्रतिशत चढ़ा था। हालांकि, बीएसई स्मॉल-कैप सूचकांक 1,258.64 अंक या 4.46 प्रतिशत गिरा था, जबकि मिडकैप में 42.38 अंक या 0.17 प्रतिशत की मामूली गिरावट आई थी।

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