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IRCTC ने ऑनलाइन टिकट रिजर्वेशन के नियमों में किया बदलाव, वो 10 चीजें जिन्‍हें जानना है जरूरी

 Written By: Abhishek Shrivastava
 Published : Apr 16, 2018 05:23 pm IST,  Updated : Apr 16, 2018 05:59 pm IST

जब 2002 में इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्‍म कॉरपोरेशन (आईआरसीटीसी) को लॉन्‍च किया गया था, तब पहले दिन केवल 29 टिकट ऑनलाइन बु‍क हुए थे।

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नई दिल्‍ली। जब 2002 में इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्‍म कॉरपोरेशन (आईआरसीटीसी) को लॉन्‍च किया गया था, तब पहले दिन केवल 29 टिकट ऑनलाइन बु‍क हुए थे। आज आईआरसीटीसी के पोर्टल द्वारा प्रतिदिन 13 लाख से अधिक ऑनलाइन टिकट बुक होते हैं। ऑनलाइन टिकट बुकिंग की बढ़ती संख्‍या के साथ ही साथ सिस्‍टम में कई गड़बडि़यां भी बढ़ी हैं। भारतीय रेलवे ने विभिन्‍न समस्‍याओं से निपटने के लिए नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं, ताकि रेल यात्रियों को बेहतर सेवा उपलब्‍ध कराई जा सके। प्रतिदिन लगभग दो करोड़ यात्री भारतीय रेलवे के जरिये यात्रा करते हैं।

एक यात्री आईआरसीटीसी पोर्टल के जरिये यात्रा दिनांक से 120 दिन पहले अपना टिकट बुक कर सकता है। यात्रा की तारीख (ट्रेन के चलने वाले स्‍टेशन के लिए) 120 दिनों की समयावधि में शामिल नहीं होगी। रेल राज्‍य मंत्री राजेन गोहेन ने लोकसभा में एक लिखित उत्‍तर में इस बात की घोषणा की है। मंत्री ने कहा कि यह कदम भारतीय रेलवे के ऑनलाइन टिकट रिजर्वेशन सिस्‍टम और तत्‍काल योजना को मजबूत और बेहतर बनाने के लिए उठाए गए हैं। रेलवे ने हाल ही में तत्‍काल टिकट बुकिंग सिस्‍टम का गलत फायदा उठाने से लोगों को रोकने के लिए भी नियमों में कुछ संशोधन किए हैं। 

भारतीय रेलवे के लिए ऑनलाइन टिकट रिजर्वेशन के संशोधित नए नियम इस प्रकार हैं:

  1. एक यूजर आईडी से एक माह में केवल 6 टिकट ही बुक किए जा सकते हैं। यदि यूजर का आधार वेरीफाइड है, तो वह एक माह में 12 टिकट बुक कर सकता है। सुबह 8 से 10 बजे के बीच एक व्‍यक्ति केवल दो टिकट ही बुक कर सकता है।
  2. सुबह 8 बजे से 12 बजे के बीच सिंगल पेज या क्विक बुक सर्विस उपलब्‍ध नहीं होगी। एक बार में एक यूजर केवल एक ही लॉन-इन सेशन कर सकता है। लॉगिन, पैसेंजर डिटेल और पेमेंट वेब पेज पर कैप्‍चा उपलब्‍ध कराया जाता है।
  3. संशोधित नियमों में सुरक्षा का अतिरिक्‍त स्‍तर शामिल किया गया है। अब यूजर को अपनी व्‍यक्तिगत जानकारी जैसे यूजर नेम, ईमेल, मोबाइल नंबर, चेक बॉक्‍स आदि की जानकारी देने के बाद एक सुरक्षा सवाल का जवाब भी देना होता है।
  4. एजेंट्स को सुबह 8 बजे से साढ़े 8 बजे के बीच, 10 बजे से साढ़े 10 बजे के बीच और 11 बजे से साढ़े 11 बजे के बीच टिकट बुक करने की अनुमति दी गई है। ऑथोराइज्‍ड ट्रेवल एजेंट्स ऑनलाइन रिजर्वेशन खुलने के पहले आधे घंटे में तत्‍काल टिकट बुक नहीं कर सकते हैं।
  5. ऑनलाइन टिकट बुकिंग समय पर बहुत अधिक निर्भर करता है। यात्री की डिटेल्‍स भरने का स्‍टैंडर्ड टाइम 25 सेकेंड है। पैसेंजर डिटेल्‍स पेज और पेमेंट पेज पर कैप्‍चा भरने का न्‍यूनतम समय 5 सेकेंड है।
  6. पेमेंट करने के लिए 10 सेकेंड का समय दिया जाता है। सभी बैंकों और यूजर्स के लिए नेटबैंकिंग के जरिये किए जाने वाले पेमेंट के लिए वन टाइम पासवर्ड (ओटीपी) सिस्‍टम को अनिवार्य बनाया गया है।
  7. तत्‍काल टिकट को यात्रा वाले दिन से एक दिन पहले बुक किया जा सकता है। ऑनलाइन तत्‍काल टिकट बुकिंग एसी कोच के लिए सुबह 10 बजे और स्‍लीपर कोच के लिए 11 बजे शुरू होती है।
  8. ट्रेन किराये और तत्‍काल शुल्‍क की पूर्ण वापसी के लिए केवल तभी दावा किया जा सकता है जब कोई ट्रेन अपने निर्धारित समय से तीन घंटे से अधिक की देरी से चल रही हो।
  9. यदि किसी ट्रेन का रूट बदला गया है और यात्री इस बदले हुए रूट से यात्रा नहीं करना चाहता है तो वह फुल रिफंड के लिए दावा कर सकता है।
  10. यदि किसी यात्री का टिकट बुक किए गए श्रेणी से नीचे वाली श्रेणी में बदल दिया जाता है तो उस स्थिति में भी यात्री फुल रिफंड के लिए अपना दावा कर सकता है। यदि यात्री निम्‍न श्रेणी में यात्रा करने का इच्‍छुक है तो उसे किराये का अंतर वाला भाग लौटा दिया जाएगा।
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