जर्मनी के एम्बेसी ने मंगलवार को बताया कि अब भारतीय नागरिकों को जर्मनी के किसी भी एयरपोर्ट पर ठहराव के साथ किसी अन्य देश की यात्रा करने के लिए 'ट्रांजिट वीजा' की जरूरत नहीं होगी। एम्बेसी के अनुसार, ये फैसला 3 जून से प्रभावी होगा। बताते चलें कि हर छात्र, नौकरीपेशा लोग और पर्यटक समेत बड़ी संख्या में भारतीय अन्य गंतव्यों तक पहुंचने के लिए जर्मनी के एयरपोर्ट से होकर यात्रा करते हैं।
फेडरल लॉ गजट में घोषित की गई अधिसूचना
जर्मन एम्बेसी ने एक बयान में कहा, ''जर्मनी के हवाई अड्डों पर ठहराव के साथ किसी दूसरे देश की यात्रा करने वाले भारतीय नागरिकों को अब ट्रांजिट वीजा की जरूरत नहीं होगी। भारतीय नागरिकों के लिए एयरपोर्ट ट्रांजिट वीजा की जरूरत खत्म करने संबंधी अधिसूचना 2 जून, 2026 को फेडरल लॉ गजट में घोषित की गई है। ये फैसला 3 जून से प्रभावी हो जाएगा।'' इस कदम से उन भारतीय यात्रियों को काफी फायदा होने की उम्मीद है, जो यूरोप, उत्तरी अमेरिका और अन्य क्षेत्रों में यात्रा करते समय ट्रांजिट हब के तौर पर जर्मनी के एयरपोर्ट का इस्तेमाल करते हैं।
भारत-जर्मनी संबंधों को और मजबूत बनाने की दिशा में बड़ा और अहम कदम
एम्बेसी ने कहा, ''ये फैसला जर्मन संघीय सरकार की भारत-जर्मनी संबंधों को और मजबूत बनाने, लोगों की आवाजाही को आसान बनाने और आर्थिक संबंधों को और ज्यादा मजबूत करने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।'' एम्बेसी ने बताया कि ये कदम जनवरी में जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज की भारत यात्रा के बाद उठाया गया है।
अप्रैल में फ्रांस ने भी भारतीयों के लिए खत्म कर दी थी ट्रांजिट वीजा की जरूरत
बताते चलें कि इस साल अप्रैल में, फ्रांस ने भारतीय नागरिकों के लिए एयरपोर्ट ट्रांजिट वीजा की जरूरत को खत्म कर दिया था, जिससे किसी तीसरे देशों की यात्रा पर जाने के लिए फ्रांसीसी एयरपोर्ट से गुजरने वाले यात्रियों का सफर आसान हो गया। ये कदम फ्रांसे के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों द्वारा फरवरी 2026 में भारत यात्रा के दौरान की गई एक घोषणा के बाद उठाया गया था, जिसमें उन्होंने कहा था कि भारतीय नागरिकों के लिए फ्रांस के रास्ते किसी तीसरे देश की यात्रा को आसान और सुविधाजनक बनाने के लिए कदम उठाए जाएंगे।