1. Hindi News
  2. पैसा
  3. मेरा पैसा
  4. बीमा नियामक ने दिया प्रस्‍ताव : बेहतर तरीके से चलाइए वाहन, कम देना होगा बीमा का प्रीमियम

बीमा नियामक ने दिया प्रस्‍ताव : बेहतर तरीके से चलाइए वाहन, कम देना होगा बीमा का प्रीमियम

 Written By: Manish Mishra
 Published : Aug 06, 2017 04:10 pm IST,  Updated : Aug 06, 2017 04:11 pm IST

अगर आप वाहन सही तरीके से, कम व्यस्त समय और कम दूरी तक चलाते हैं तो भविष्य में आपको मोटर बीमा का प्रीमियम कम देना पड़ सकता है।

बीमा नियामक दिया प्रस्‍ताव : बेहतर तरीके से चलाइए वाहन, कम देना होगा बीमा का प्रीमियम- India TV Hindi
बीमा नियामक दिया प्रस्‍ताव : बेहतर तरीके से चलाइए वाहन, कम देना होगा बीमा का प्रीमियम

नई दिल्ली। अगर आप वाहन सही तरीके से, कम व्यस्त समय और कम दूरी तक चलाते हैं तो भविष्य में आपको मोटर बीमा का प्रीमियम कम देना पड़ सकता है। बीमा नियामक (IRDAI) ने एक प्रस्ताव दिया है जिसके तहत मोटर बीमा प्रीमियम ब्लैक बॉक्स आधारित गाड़ी चलाने की आदत की वास्तिवक समय पर निगरानी, वाहन के उपयोग तथा तय की गयी दूरी जैसी बातों पर निर्भर करेगी। बीमा नियामक एवं विकास प्राधिकरण (IRDAI) ने इस बारे में लोगों की टिप्‍पणी मांगी है। इसमें अन्य बातों के अलावा यह पूछा गया है कि आखिर सावधानी से और कम दूरी तक गाड़ी चलाने वाले तथा सामान्य रूप से कम व्यस्त समय में गाड़ी चलाने वाले चालक से उतना ही प्रीमियम क्यों लिया जाए जो लापारवाही से वाहन चलाते हैं।

यह भी पढ़ें : Step by Step Guide : दुर्घटना होने पर थर्ड पार्टी इंश्‍योरेंस क्‍लेम करने का यह है आसान तरीका

फिलहाल देश में वाहन बीमा का प्रीमियम वाहन के विनिर्माण और मॉडल, उसकी क्षमता और भौगोलिक उपयोग जैसे मानकों पर आधारित है। IRDAI ने वाहन बीमा प्रीमीयम का निर्धारण करने के लिये टेलीमैटिक्स की धारणा देते हुए कहा है, ग्राहकों की गाड़ी चलाने की आदत अलग-अलग है। साथ ही वाहनों के उपयोग भी अलग-अलग है। ये चीजें कई कारकों पर निर्भर है जिसमें परिवहन का नया रूप, व्यक्ति अपनी कार चला रहा है या दूसरे की आदि शामिल हैं।

टेलीमैटिक्स से आशय वाहनों के लिए दूरसंचार और सूचना प्रौद्योगिकी के एकीकृत उपयोग से है। इसका उपयोग वास्तिवक समय पर जानकारी देने, सड़क पर सहायता तथा वाहनों पर नजर रखने में किया जाता है। टेलीमैटिक्स बीमा को ब्लैक बॉक्स बीमा, GPS कार बीमा, स्मार्ट बॉक्स बीमा, गाड़ी चलाने के हिसाब से भुगतान तथा उपयोग आधारित बीमा समेत अन्य नाम नामों से भी जाना जाता है।

यह भी पढ़ें : खास तौर से महिलाओं के लिए डिजाइन किए गए हैं ये बीमा प्रोडक्‍ट, जरूरत के अनुरूप उठाएं

इस प्रौद्योगिकी को 2000 में ब्रिटेन और अमेरिका में पेश किया गया और स्मार्टफोन प्रौद्योगिकी के साथ आसान और सस्ती इंस्टॉलेशन प्रक्रिया के कारण लागत में धीरे-धीरे कम हो रही है। इटली और दक्षिण अफ्रीका में भी इस प्रौद्योगिकी का उपयोग हो रहा है। IRDAI ने परिचर्चा पत्र में इस बारे में आठ सितंबर तक टिप्पणी मांगी है।

इसमें बीमा नियामक ने कहा है कि मोटर बीमा के संदर्भ में टेलीमैटिक्स के विचार की आज काफी चर्चा हो रही है। इसका कारण यह कीमत निर्धारण के लिहाज से अधिक वैज्ञानिक तरीका है। साथ ही इससे बीमा लेने वाले, बीमाकर्ता तथा कुल मिलाकर समाज को लाभ है।

यह भी पढ़ें : Step by Step Guide : ऐसे करें लाइफ इंश्‍योरेंस का क्‍लेम, नहीं काटने होंगे बीमा कंपनी के दफ्तर के चक्‍कर

IRDAI के अनुसार, टेलीमैटिक्स बीमा वाहन के एक छोटे उपकरण को लगाये जाने से काम करता है। इस उपकरण को ब्लैक बॉक्स कहा जाता है जो गति प्रतिरूप और दूरी को रिकार्ड करता है। साथ ही यह इस बात को भी रिकॉर्ड करता है कि चालक किस तरह की सड़क और दिन या रात में अथवा सप्ताहांत तथा कितनी दूरी तक गाड़ी चलाता है।

इस व्यवस्था के लागू होने के साथ उन लोगों के लिये मोटर बीमा प्रीमियम में कमी आएगी जो सावधानीपूर्वक, कम दूरी तक तथा कम व्यस्त समय में गाड़ी चलाते हैं। यह प्रणाली चुराए गये वाहन को पता लगाने तथा चालकों को बेहतर मार्गों के बारे में जानकारी देने में ईंधन बचाने में भी मददगार हो सकती हैं।

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Personal Finance से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें पैसा