यदि आप सीधे शेयर बाजार में इन्वेस्ट करने का जोखिम नहीं लेना चाहते, तो म्यूचुअल फंड (Mutual Funds) आपके लिए एक अच्छा विकल्प हो सकता है। यहां आपका जोखिम कुछ हद तक कम हो जाता है। अगर आप एकमुश्त बड़ी रकम निवेश करने में सक्षम नहीं हैं, तो सिस्टेमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (SIP) के ज़रिए म्यूचुअल फंड में निवेश कर सकते हैं। SIP में आप हर महीने एक छोटी रकम निवेश कर सकते हैं। आज हम आपको 5 ऐसी बातें बताने जा रहे हैं, जिनका ध्यान रखकर आप SIP के जरिए म्यूचुअल फंड से अच्छा रिटर्न कमा सकते हैं।
1. निवेश में देरी न करें
SIP का एक सबसे बड़ा फायदा कंपाउंडिंग (चक्रवृद्धि ब्याज) की पावर है। आप जितनी जल्दी निवेश करना शुरू करेंगे, उतना ही बड़ा फंड बना पाएंगे। इससे आप छोटे निवेश से भी समय के साथ बड़ी पूंजी जमा कर सकते हैं। देरी से शुरुआत करने का मतलब है कंपाउंडिंग का पूरा फायदा न ले पाना।
2. सही फंड का चुनाव करें
सभी म्यूचुअल फंड एक जैसे नहीं होते। आपको पिछले प्रदर्शन, एक्सपेंस रेश्यो (फंड चलाने का खर्च) और फंड मैनेजर की विशेषज्ञता के आधार पर विभिन्न फंडों पर रिसर्च करनी चाहिए। ऐसे फंड चुनें जो आपके जोखिम लेने की क्षमता और निवेश लक्ष्यों से मेल खाते हों, चाहे वे इक्विटी (शेयर), डेट (ऋण) या हाइब्रिड (दोनों का मिश्रण) फंड हों।
3. अपने पोर्टफोलियो की समीक्षा करें
निवेश करके 'भूल जाने' की आदत न डालें। अपने SIP पोर्टफोलियो की नियमित समीक्षा करना बहुत जरूरी है। इससे आपको अपने पोर्टफोलियो में ज़रूरत के हिसाब से बदलाव करने में मदद मिलेगी। ऐसे फंड्स पर नज़र रखें जो लगातार अपने बेंचमार्क (तुलना के लिए निर्धारित सूचकांक) से बेहतर प्रदर्शन कर रहे हों। यदि आपके मौजूदा निवेश खराब प्रदर्शन कर रहे हैं, तो फंड निकालकर किसी बेहतर विकल्प में निवेश करने पर विचार करें।
4. अनुशासित रहें
बाज़ार में उतार-चढ़ाव परेशान करने वाले हो सकते हैं, लेकिन SIP में सफलता की कुंजी अनुशासित रहना है। बाज़ार में गिरावट के दौरान भी अपने निवेश को जारी रखने से आप कम कीमतों पर अधिक यूनिट खरीद सकते हैं, जिससे समय के साथ आपकी खरीद लागत का औसत निकल जाता है (इसे रुपया लागत औसत - Rupee Cost Averaging भी कहते हैं)। घबराकर निवेश बंद न करें।
5. धीरे-धीरे SIP की रकम बढ़ाएं (स्टेप-अप SIP)
जैसे-जैसे आपकी आय बढ़े, अपनी SIP की रकम बढ़ाने पर विचार करें। यह स्टेप-अप दृष्टिकोण आपको म्यूचुअल फंड की पूरी क्षमता का लाभ उठाने में मदद कर सकता है। साथ ही, यह सुनिश्चित करता है कि आपका निवेश महंगाई और आपके बढ़ते वित्तीय लक्ष्यों के साथ तालमेल बनाए रखे।
(डिस्क्लेमर: यह आर्टिकल सिर्फ जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है। किसी भी प्रकार के निवेश से पहले या वित्तीय जोखिम लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से सलाह जरूर लें। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के जोखिम के लिए उत्तरदायी नहीं होगा।)